Chhatarpur News: अपने बयानों और कथाओं को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर एक बड़ा और दिलचस्प बयान दिया है. इस बार उन्होंने देश में तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर के बीच भारत के लिए एक नए शब्द ‘HI’ को लेकर बात कही है. धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि आज के समय में भारत को एआई के साथसाथ ‘एचआई’ यानी ‘हिंदुत्व इंटेलिजेंस’ की बेहद सख्त जरूरत है. उन्होंने न सिर्फ यह बात कही, बल्कि समाज के सामने इसका पूरा मतलब और उद्देश्य भी साफ किया.

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने ‘HI’ को परिभाषित करते हुए कहा कि हिंदुत्व इंटेलिजेंस का सीधा उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश और समाज को आंतरिक रूप से मजबूत करने के लिए इस भावना को अपनाना बेहद जरूरी हो गया है. जब समाज का हर वर्ग इस विचार से जुड़ेगा, तभी देश का समान और समग्र विकास सुनिश्चित हो सकेगा.
सक्षम लोग आगे आएं, उद्योगपति दें रोजगार
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने समाज के संपन्न और सक्षम वर्ग से एक खास अपील भी की. उन्होंने कहा कि समाज के जो लोग आर्थिक रूप से मजबूत हैं, उन्हें आगे आकर गरीब और जरूरतमंद हिंदुओं की हर संभव मदद करनी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने देश के बड़े उद्योगपतियों और फैक्ट्री संचालकों से आह्वान किया कि वे देश के युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करें. उनका उद्देश्य यह है कि समाज का कोई भी युवा बेरोजगार न रहे और वह आत्मनिर्भर बन सके.
जातिगत भेदभाव मिटाने की अपील
अपने संबोधन में उन्होंने सामाजिक समरसता पर विशेष जोर दिया. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि समाज से जातिगत भेदभाव को पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए ताकि हिंदू एकता को और मजबूत किया जा सके. उन्होंने याद दिलाया कि भारत विविधताओं से भरा देश है, और ऐसे में हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता सामाजिक समरसता, एकता और राष्ट्रहित की भावना होनी चाहिए. राष्ट्रहित को सर्वोच्च मानकर ही हम एक मजबूत समाज का निर्माण कर सकते हैं.



