Madhya Pradesh

‘न्याय नहीं मिला तो दे दूंगी जान…’, प्रेमी की गिरफ्तारी से भड़की प्रेमिका, थाने में खुद पेट्रोल छिड़कर आत्मदाह की कोशिश

Jabalpur News: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के मदन महल थाने में उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया, जब एक महिला ने पुलिसकर्मियों के सामने ही खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की. महिला अपने प्रेमी की गिरफ्तारी से बेहद नाराज थी और पुलिस प्रशासन पर बेकसूर को झूठे मामले में फंसाने के साथसाथ मामले को रफादफा करने के लिए लाखों रुपये की रिश्वत मांगने जैसे कई गंभीर आरोप लगा रही थी. थाने के भीतर अचानक हुई इस खौफनाक हरकत से वहां अफरातफरी का माहौल बन गया. हालांकि, वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई और महिला को दबोच लिया, जिससे एक बड़ा और अप्रिय हादसा होने से टल गया.

‘न्याय नहीं मिला तो दे दूंगी जान…’, प्रेमी की गिरफ्तारी से भड़की प्रेमिका, थाने में खुद पेट्रोल छिड़कर आत्मदाह की कोशिश
‘न्याय नहीं मिला तो दे दूंगी जान…’, प्रेमी की गिरफ्तारी से भड़की प्रेमिका, थाने में खुद पेट्रोल छिड़कर आत्मदाह की कोशिश

यह पूरा विवाद सितंबर 2025 में हुई चाकूबाजी की एक पुरानी वारदात से जुड़ा हुआ है. उस वक्त मदन महल थाना पुलिस ने चाकूबाजी की इस घटना में हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाया था. इस मामले में दो आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी, जबकि तीसरा आरोपी लकी मरावी लंबे समय से बाहर था, जिसे पुलिस ने हाल ही में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इसी गिरफ्तारी के विरोध में जयंती यादव नाम की महिला शनिवार को मदन महल थाने पहुंची थी. थाने परिसर के भीतर बातचीत के दौरान महिला ने अचानक अपने पास मौजूद एक डिब्बे से पेट्रोल निकाला और अपने ऊपर उड़ेल लिया. महिला को ऐसा करते देख पुलिस स्टाफ के हाथपांव फूल गए और काफी देर तक थाने में हंगामे और तनाव की स्थिति बनी रही.

‘असली गुनहगार कोई और, पुलिस ने साक्ष्य छिपाए’

आत्मदाह का प्रयास करने वाली महिला जयंती यादव ने पुलिसिया कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं. जयंती का आरोप है कि लकी मरावी इस पूरे मामले में पूरी तरह से बेकसूर है और पुलिस ने उसे बेवजह इस केस में घसीटा है. उनका दावा है कि जिस चाकूबाजी मामले में लकी को पकड़ा गया है, उसमें वास्तविक आरोपी कोई और ही है. घटना के बाद शुरुआती जांच में पुलिस ने लकी से लंबी पूछताछ की थी और इलाके के सीसीटीवी फुटेज समेत कई अहम साक्ष्य देखने के बाद उसे बेकसूर मानकर छोड़ भी दिया था. इसके बावजूद, कई महीने बीत जाने के बाद अचानक पुलिस ने उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया और सीधे जेल भेज दिया.

‘केस खत्म करने के नाम पर मांगे थे 5 लाख रुपये’

जयंती यादव ने पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के सनसनीखेज आरोप भी लगाए हैं. उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से वे लोग लगातार पुलिस जांच में सहयोग कर रहे थे. पुलिस ने जो भी दस्तावेज, सबूत या साक्ष्य मांगे, उन्हें समय पर उपलब्ध कराया गया था. इसके बावजूद उनकी एक नहीं सुनी गई. महिला ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने इस मामले से लकी का नाम हटाने और उसे राहत दिलाने के एवज में उनसे 5 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग की थी. हालांकि, महिला ने यह भी साफ किया कि वह रिश्वत मांगने वाले संबंधित अधिकारियों के नाम नहीं जानती है. इसके अलावा, महिला ने कहा कि गिरफ्तारी के समय लकी की तबीयत बेहद खराब थी और उसे बारबार दौरे पड़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उसकी इस गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की पूरी तरह अनदेखी की. इस अमानवीय व्यवहार और मानसिक तनाव के कारण वह इतनी परेशान हो गई कि उसने यह आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया.

थाना प्रभारी का बयान ‘आरोपों की होगी निष्पक्ष जांच’

इस पूरे संवेदनशील मामले पर मदन महल के थाना प्रभारी धीरज राज का कहना है कि महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की बारीकी से जांच की जाएगी. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी लकी मरावी को किसी निजी रंजिश में नहीं, बल्कि साल 2025 में दर्ज हुए पुराने मामले में उपलब्ध पुख्ता सबूतों और कानूनी विवेचना के आधार पर ही नियमानुसार गिरफ्तार किया गया है. जहां तक महिला द्वारा रिश्वत मांगने के आरोपों का सवाल है, उसकी भी पूरी निष्पक्षता के साथ जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. बहरहाल, थाने के भीतर हुई इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली, पुराने मामलों की पेंडिंग विवेचना और आरोपियों के परिजनों के आक्रोश को लेकर प्रशासनिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है.

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