Vikramshila Setu Bailey Bridge: पूर्वांचल और सीमांचल के लाखों लोगों के लिए लंबे समय से चल रहा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया. बिहार के भागलपुर को कोसी, सीमांचल और अंग क्षेत्र से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु पर तैयार किए गए बेली ब्रिज पर शुक्रवार से वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया गया. बेली ब्रिज के चालू होने से भागलपुर, बांका, खगड़िया, पूर्णिया समेत आसपास के जिलों के लोगों को बड़ी राहत मिली है. बता दें कि 4 मई को पुल के एक स्लैब नदी में गिर गया था, जिसके बाद से BRO की टीम इस पर बेली ब्रिज तैयार करने में लगी थी.

पथ निर्माण मंत्री ने किया उद्घाटन
सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर तैयार किए गए बेली ब्रिज का विधिवत उद्घाटन पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने किया. उद्घाटन के बाद उन्होंने यातायात संचालन की शुरुआत कर पुल को आम लोगों के लिए समर्पित किया. इसके साथ ही अन्य तीन कमजोर स्लैब के ऊपर भी बेली ब्रिज का निर्माण कराया गया है, जिसे अब सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है.
BRO ने युद्धस्तर पर पूरा किया काम
बेली ब्रिज के निर्माण की जिम्मेदारी बीआरओ को दी गई थी. एजेंसी ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर क्षतिग्रस्त चार स्लैब वाले हिस्से पर बेली ब्रिज तैयार कर लिया. इससे लंबे समय से प्रभावित यातायात व्यवस्था एक बार फिर सामान्य होने लगी है. पुल के खुलने से लोगों की आवाजाही आसान होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं. पुल पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. साथ ही एक समय में केवल एक वाहन को ही बेली ब्रिज से गुजरने की अनुमति दी जाएगी. यातायात को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए पुल के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई है. इसके अलावा चार स्थानों पर फैब्रिकेटेड पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं, जहां से यातायात व्यवस्था की निगरानी की जाएगी.
4 मई को क्षतिग्रस्त हुआ था स्लैब
गौरतलब है कि 4 मई को विक्रमशिला सेतु के 133वें बिजली खंभे के समीप पुल का स्लैब क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया था. अब बेली ब्रिज के शुरू होने से लंबे समय से परेशान लोगों को राहत मिली है और क्षेत्र की लाइफलाइन माने जाने वाला यह संपर्क मार्ग एक बार फिर सक्रिय हो गया है.



