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भोपाल में ‘साइलेंट जिहादी नेटवर्क’ का पर्दाफाश! मोबाइल और टेलीग्राम के जरिए युवाओं तक पहुंच रहा था कथित कट्टरपंथी कंटेंट…

भोपाल में ‘साइलेंट जिहादी नेटवर्क’ का पर्दाफाश! मोबाइल और टेलीग्राम के जरिए युवाओं तक पहुंच रहा था कथित कट्टरपंथी कंटेंट…

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ATS की कार्रवाई के बाद एक कथित ऑनलाइन नेटवर्क चर्चा का विषय बन गया है. जांच एजेंसियों ने काजी कैंप इलाके से मोहम्मद फराज नाम के युवक को गिरफ्तार किया है.

Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ATS की कार्रवाई के बाद एक कथित ऑनलाइन नेटवर्क चर्चा का विषय बन गया है. जांच एजेंसियों ने काजी कैंप इलाके से मोहम्मद फराज नाम के युवक को गिरफ्तार किया है. एजेंसियों का आरोप है कि वह सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए कुछ युवाओं तक कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा कंटेंट पहुंचाने का काम कर रहा था.

जानकारी के अनुसार, 11 जून की देर रात ATS की टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से कार्रवाई की. करीब 3:30 बजे टीम काजी कैंप पहुंची और बिना किसी शोर-शराबे के ऑपरेशन को अंजाम दिया. बताया जा रहा है कि टीम ने घर में प्रवेश कर फराज को हिरासत में लिया. इस कार्रवाई में महिला अधिकारियों सहित कई अधिकारी शामिल थे.

सामान्य जिंदगी के पीछे जांच का दावा

स्थानीय लोगों के अनुसार, फराज सामान्य जीवन जीता दिखाई देता था. वह कभी क्लिनिक में काम करता था तो कभी बैटरी रिपेयरिंग जैसे कार्यों से जुड़ा रहता था. हालांकि जांच एजेंसियों का दावा है कि उसके डिजिटल डिवाइसों में ऐसी गतिविधियों के संकेत मिले हैं, जिनकी अब गहराई से जांच की जा रही है.ATS के मुताबिक, फराज विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय था. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह किन लोगों से संपर्क में था, किस तरह का कंटेंट साझा करता था और उसका दायरा कितना बड़ा था. फिलहाल उसके मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच की जा रही है.

दिन में क्लिनिक, रात में ऑनलाइन एक्टिविटी

जांच के दौरान इस मामले में कुछ कड़ियां उत्तर प्रदेश के देवबंद से भी जुड़ती दिखाई दी हैं. एजेंसियों के अनुसार, एक अन्य आरोपी नईम अब्दुल्ला से फराज का संपर्क बताया जा रहा है. दोनों के बीच संबंधों और संभावित नेटवर्क की भूमिका को लेकर जांच जारी है.फराज स्थानीय स्तर पर एक क्लिनिक में काम करता था. लेकिन जांच एजेंसियों का दावा है कि रात के समय उसकी ऑनलाइन गतिविधियां बढ़ जाती थीं. इसी पहलू को लेकर ATS अब डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों की पड़ताल कर रही है.

पड़ोसियों को नहीं था अंदाजा

इलाके के लोगों का कहना है कि फराज का व्यवहार सामान्य और शांत था. कई लोगों ने उसकी गिरफ्तारी पर हैरानी जताई है. उनका कहना है कि अगर जांच में आरोप साबित होते हैं तो कानून अपना काम करेगा, वहीं यदि वह निर्दोष है तो जांच में सच सामने आ जाएगा.ATS की जांच फिलहाल इस बात पर केंद्रित है कि आरोपी किन ग्रुप्स और व्यक्तियों से जुड़ा था. एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए किस तरह का कंटेंट साझा किया जा रहा था. फिलहाल आरोपी रिमांड पर है और मामले की जांच जारी है.

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