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बरेली का बर्खास्त सिपाही सुरकेश अब बना हिस्ट्रीशीटर, SSP आर्य ने 12 शातिरों पर कसा शिकंजा…

बरेली का बर्खास्त सिपाही सुरकेश अब बना हिस्ट्रीशीटर, SSP  आर्य ने 12 शातिरों पर कसा शिकंजा…

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में अपराधियों और कानून व्यवस्था को ठेंगे पर रखने वालों के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा हंटर चलाया है। एसएसपी (SSP) अनुराग आर्य के कड़े और सीधे निर्देश पर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के कुल 12 शातिर आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोल दी गई है। इन सभी नामों में सबसे सनसनीखेज और हैरान करने वाला नाम उत्तर प्रदेश पुलिस के ही एक बर्खास्त सिपाही सुरकेश शर्मा का है। खाकी वर्दी की आड़ में अपराध का साम्राज्य चलाने वाला यह पूर्व सिपाही अब पुलिस रिकॉर्ड में एक ‘हिस्ट्रीशीटर’ (A-Grade Criminal) बन चुका है। बरेली पुलिस अब इन सभी 12 समाजविरोधी तत्वों की गतिविधियों पर 24 घंटे तीसरी आंख से पैनी निगरानी रखेगी।

रेप और रंगदारी समेत 17 मुकदमे, चंदौली पुलिस ने किया था बर्खास्त

दरअसल, भमोरा थाना क्षेत्र के लंगुरा गांव का रहने वाला सुरकेश शर्मा पहले पुलिस विभाग का ही हिस्सा था। लेकिन रक्षक की वर्दी पहनकर भक्षक बने सुरकेश के काले कारनामों के उजागर होने के बाद विभाग की जमकर किरकिरी हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सुरकेश के खिलाफ दुष्कर्म (रेप), जानलेवा हमला, रंगदारी (Extortion) मांगने, मारपीट और धोखाधड़ी जैसी कई बेहद गंभीर और संगीन धाराओं में कुल 17 मुकदमे दर्ज हैं। बरेली पुलिस की गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर चंदौली पुलिस प्रशासन ने पहले ही उसके खिलाफ बड़ी विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे नौकरी से सेवामुक्त (बर्खास्त) कर दिया था। अब बरेली पुलिस ने उसकी बकायदा हिस्ट्रीशीट खोलकर उसे अपनी ‘रडार’ पर ले लिया है।

गोकशी, डकैती और वाहन चोरों पर भी गिरा बरेली पुलिस का गाज

एसएसपी अनुराग आर्य के हंटर की जद में सिर्फ बर्खास्त सिपाही ही नहीं, बल्कि अलग-अलग थानों के 11 अन्य खूंखार और शातिर अपराधी भी आए हैं। पुलिस ने इन सभी की बकायदा लिस्ट जारी कर थाने में इनकी परेड और निगरानी शुरू कर दी है:

  • भमोरा थाना:
    डकैती के एक बड़े मामले में शामिल लंगुरा गांव के धर्मेंद्र की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। इसके साथ ही शातिर वाहन चोर चंदौआ निवासी मैकूलाल उर्फ माइकल और क्यूना शादीपुर निवासी नूरहसन को भी हिस्ट्रीशीटर घोषित किया गया है।
  • देवरनियां थाना:
    गोकशी (गौवंश क्रूरता) और तस्करी से जुड़े मामलों में लिप्त रिछा के मोहल्ला मस्तान निवासी विकार अहमद, इस्लामनगर निवासी महताब, मुड़िया जागीर निवासी चंदा और डांडी हमीर निवासी उस्मान शाह उर्फ राजा की हिस्ट्रीशीट खोलकर इन्हें चौबीस घंटे की पुलिस निगरानी में डाल दिया गया है।
  • किला थाना:
    गोकशी के ही संगीन और पुराने आरोपों में सुर्खा चौधरी तालाब निवासी आबिद उर्फ बाबू और राशिद की कुंडली खंगालते हुए हिस्ट्रीशीट खोल दी गई है।
  • सीबीगंज थाना:
    तिलियापुर निवासी शातिर अपराधी रहीस को भी पुलिस ने अपनी इस कड़ी ‘ब्लैक लिस्ट’ में शामिल किया है।
  • अलीगंज थाना:
    गोकशी और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला (Attempt to Murder) करने के मामले में नकटपुर निवासी राजवीर सिंह पर भी शिकंजा कसते हुए हिस्ट्रीशीट खोल दी गई है।

‘खाकी’ हो या रसूखदार, अपराध किया तो नपोगे: SSP अनुराग आर्य

बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि इन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने का मुख्य उद्देश्य सिर्फ कागजी फाइलों को भरना नहीं है, बल्कि ऐसे शातिर लोगों की हर छोटी-बड़ी गतिविधि, उनके मददगारों और उनकी कमाई के स्रोतों पर सीधे जमीन पर नजर रखना है। स्थानीय थाना पुलिस समय-समय पर अचानक इनके घरों पर दबिश देगी, हाजिरी और चेकिंग की समीक्षा करेगी और जरा सी भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर इन्हें सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

एसएसपी अनुराग आर्य ने इस बड़ी कार्रवाई के बाद कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि बरेली जिले को पूरी तरह से ‘क्राइम फ्री’ और आम जनता के लिए भयमुक्त माहौल बनाना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अपराधियों को खुले लफ्जों में चेतावनी देते हुए कहा कि अपराध के रास्ते पर कदम रखने वाले किसी भी दोषी के खिलाफ कार्रवाई में रत्ती भर भी ढिलाई या नरमी नहीं बरती जाएगी, फिर चाहे उस आरोपी का बैकग्राउंड (Background) कितना भी रसूखदार या राजनीतिक क्यों न हो। विभाग के भीतर छिपे भेड़ियों को भी यही संदेश दिया गया है कि खाकी पहनकर अपराध करने वालों का अंजाम आम अपराधियों से भी ज्यादा बदतर होगा।

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