
मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। बहसूमा थाना क्षेत्र के रामराज से अगवा किए गए छह साल के मासूम अंगदवीर की बेरहमी से गला रेतकर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस खौफनाक कत्ल की साजिश रचने वाली कोई और नहीं, बल्कि मासूम की सगी मां गुरप्रीत कौर ही निकली। पुलिस जांच में मां और उसके बैंक मैनेजर प्रेमी के बीच हुई बेहद चौंकाने वाली व्हाट्सएप चैट बरामद हुई है, जिससे साफ हो गया है कि मां ने अपने ही कलेजे के टुकड़े को रास्ते से हटाने के लिए प्रेमी का पूरा साथ दिया था। पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जांच के दौरान पुलिस के हाथ जो सबूत लगे हैं, वे किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफी हैं। वारदात के पहले से लेकर मासूम की हत्या के बाद तक, कलयुगी मां गुरप्रीत कौर अपने प्रेमी अर्पित पाराशर के साथ लगातार संपर्क में बनी हुई थी। पुलिस ने जब दोनों के मोबाइल फोन खंगाले और डिलीट की जा चुकी व्हाट्सएप चैट को तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से रिकवर किया, तो कत्ल की इस खौफनाक वारदात की परत दर परत स्क्रिप्ट सामने आ गई।
काम तमाम होने के बाद प्रेमी का मैसेज–काम हो गया है
पुलिस द्वारा रिकवर की गई व्हाट्सएप चैट के मुताबिक, मुख्य आरोपी अर्पित पाराशर ने छह साल के अंगदवीर की कार में गला रेतकर हत्या करने के महज 10 मिनट बाद ही गुरप्रीत को मैसेज भेजकर सूचित किया था। अर्पित ने लिखा था, काम हो गया है। इस पर ममता का गला घोंट चुकी मां ने बिना किसी अफसोस के पलटकर जवाब दिया, ‘किसी ने देखा तो नहीं?’ यह चैट साबित करती है कि मां को बेटे की मौत का कोई गम नहीं था, बल्कि वह सिर्फ इस बात से डरी हुई थी कि कहीं कोई चश्मदीद न मिल जाए। इसके बाद जैसे ही गांव में पुलिस की हलचल बढ़ी, गुरप्रीत घबरा गई और उसने लिखा, ‘गांव में पुलिस आ गई है, तुम फंसोगे। पुलिस के पास फुटेज है तुम फंसोगे, मैंने कुछ नहीं किया। तूने मारा है, मेरा नाम मत लेना… अब नहीं बचोगे, कॉल मत करना।’
हाथ से इशारा कर बेटे को भेजा था मौत के मुंह में
पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने पुलिस अधिकारियों को भी झकझोर कर रख दिया। बीते मंगलवार को गुरप्रीत ने खुद साजिश के तहत अपने प्रेमी अर्पित पाराशर को व्हाट्सएप कॉल करके अपने घर के पास बुलाया था। जब अर्पित अपनी कार लेकर घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर आकर खड़ा हो गया, तो यह कलयुगी मां अपने ही छह साल के मासूम बेटे अंगदवीर की उंगली पकड़कर घर से बाहर निकली। उसने हाथ से इशारा करते हुए मासूम से कहा, ‘जा बेटा, कार में अंकल बैठे हैं, उनके साथ चला जा… वह तुझे सुंदर घड़ी और चॉकलेट दिलाकर लाएंगे।’ मासूम बच्चा अपनी मां की बात पर भरोसा करके खुशी-खुशी कार में बैठ गया, जबकि मां उसे मौत के मुंह में धकेलकर खुद नजीबाबाद दवा लेने के बहाने मायके रवाना हो गई ताकि उस पर कोई शक न कर सके।
मासूम ने देख लिया था मां-अंकल का आपत्तिजनक राज
आखिर एक मां अपने ही हंसते-खेलते बच्चे की जान की दुश्मन क्यों बन गई? इस सवाल का जवाब बेहद खौफनाक है। आरोपी मां गुरप्रीत ने पुलिस को बताया कि रविवार को छुट्टी के दिन उसने अपने प्रेमी अर्पित पाराशर को रामराज स्थित अपने घर पर बुलाया था। रात के वक्त जब दोनों घर में साथ थे, तभी पास की चारपाई पर सो रहे मासूम अंगदवीर की अचानक आंख खुल गई। मासूम ने अपनी मां को अर्पित के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद से ही दोनों लोक-लाज और अवैध संबंधों का राज खुलने के डर से बुरी तरह सहम गए थे। उन्हें डर था कि बच्चा यह बात अपने पिता गुरसेवक और दादी को बता देगा। इसी राज को हमेशा के लिए दफन करने के लिए दोनों ने मिलकर अंगदवीर को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान तैयार किया।
पति से तलाक और पैसे ऐंठने की थी फिराक
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गुरप्रीत अपने पति गुरसेवक के साथ नहीं रहना चाहती थी। वह चाहती थी कि पति से मोटी रकम और संपत्ति ऐंठकर उसे तलाक दे दे और अपने प्रेमी अर्पित के साथ नई जिंदगी बसाए। लेकिन उसे लगता था कि गुरसेवक बेटे अंगदवीर के कारण उसे तलाक नहीं दे रहा है। यही वजह थी कि उसने अपने रास्ते के सबसे बड़े रोड़े यानी अपने ही बेटे को हमेशा-हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला कर लिया। मवाना के क्षेत्राधिकारी (सीओ) पंकज लवानिया ने बताया कि व्हाट्सएप चैट, डिजिटल साक्ष्यों और जुर्म कबूलनामे के आधार पर गुरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
बैंक का एरिया मैनेजर निकला हत्यारा प्रेमी, 6 महीने पहले ही हुई थी शादी
इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी अर्पित पाराशर हापुड़ में एचडीएफसी (HDFC) बैंक का एरिया मैनेजर है। हैरान करने वाली बात यह है कि अर्पित की अपनी शादी भी महज छह महीने पहले ही हुई थी, लेकिन वह गुरप्रीत के प्यार में इस कदर अंधा हो चुका था कि उसने एक मासूम की जान ले ली। मंगलवार को जब बच्चा कार में बैठा, तो अर्पित उसे अगवा कर हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के भद्रकाली मंदिर के पास ले गया और वहां चाकू से उसका गला रेतकर बेरहमी से कत्ल कर दिया। इसके बाद शव को झाड़ियों में फेंककर फरार हो गया। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अर्पित को मंगलवार देर रात हिरासत में लिया, तो वह करीब आठ घंटे तक पुलिस को गुमराह करता रहा और कहता रहा कि उसने बच्चे को नहर में फेंक दिया है। हालांकि, कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने अपना जुर्म कबूल किया और उसकी निशानदेही पर भद्रकाली मंदिर के पास से मासूम का लथपथ शव बरामद हुआ।



