CrimeDelhiIndiaTrending

‘मुझसे ज्यादा नौकरानी की इज्जत होती थी’… हीन भावना में डॉक्टर बना हैवान, 20 साल पुरानी मेड की कर दी हत्या

‘मुझसे ज्यादा नौकरानी की इज्जत होती थी’… हीन भावना में डॉक्टर बना हैवान, 20 साल पुरानी मेड की कर दी हत्या

देश की राजधानी दिल्ली के बेहद वीआईपी और पॉश इलाके माउंट कैलाश में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक डॉक्टर ने गंभीर मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) और सनक (ओसीडी) के चलते अपने ही घर में पिछले 20 साल से काम कर रही घरेलू सहायिका (मेड) की क्रिकेट बैट और धारदार हथियार ‘गुप्ती’ से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में जो वजह सामने आई है, उसने सबको हैरान कर दिया है। हत्यारोपी डॉक्टर भयंकर हीन भावना (इन्फीरियरिटी कॉम्प्लेक्स) और इनसिक्योरिटी का शिकार था। उसे लगता था कि उसके खुद के घर में उसकी कोई वैल्यू नहीं है और उसकी पत्नी व बेटा उससे ज्यादा नौकरानी को तवज्जो और प्यार देते हैं। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।

पॉश सोसायटी में हुई इस नृशंस हत्या के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी डॉक्टर की पहचान मनीष गुप्ता के रूप में हुई है। डॉक्टर मनीष गुप्ता पिछले काफी समय से डिप्रेशन और ऑब्सेसिव-कम्पल्सिव डिसऑर्डर (OCD) जैसी गंभीर मानसिक बीमारियों से जूझ रहा था। डॉक्टर के घर में 45 वर्षीय मेड मीना पिछले दो दशकों से वफादारी के साथ काम कर रही थी। मीना सिर्फ घर का काम ही नहीं संभालती थी, बल्कि वह डॉक्टर मनीष गुप्ता की बुजुर्ग मां की भी बेहद शिद्दत और अपनेपन से देखभाल करती थी, जिसके चलते वह पूरे परिवार की चहेती बनी हुई थी।

पत्नी और बेटे के लाड़-प्यार से डॉक्टर के मन में पनपी खूनी रंजिश

दिल्ली पुलिस की तफ्तीश में यह बात साफ हुई है कि मृतका मीना डॉक्टर मनीष के परिवार के बेहद करीब आ चुकी थी। खास तौर पर डॉक्टर की पत्नी और उनके बेटे के साथ मीना के बहुत अच्छे संबंध थे। परिवार का हर सदस्य मीना पर आंख बंद करके भरोसा करता था। बस यही बात डॉक्टर मनीष गुप्ता को अंदर ही अंदर चुभने लगी थी। डॉक्टर के मन में अपनी ही नौकरानी को लेकर एक गहरी हीन भावना ने जन्म ले लिया था। उसे हर वक्त यह महसूस होता था कि घर में उसके फैसले की कोई अहमियत नहीं है और परिवार में उसे वह सम्मान और स्थान नहीं मिल रहा है, जो मीना को दिया जा रहा है।

नौकरी से निकालना चाहता था डॉक्टर, मगर ढाल बनकर खड़ा था परिवार

जांचकर्ताओं के मुताबिक, डॉक्टर मनीष गुप्ता अपनी मेड मीना से बुरी तरह नफरत करने लगा था। वह किसी भी कीमत पर मीना को नौकरी से हटाकर घर से बाहर निकालना चाहता था। उसने कई बार अपनी पत्नी और बेटे के सामने मीना को काम से निकालने की बात भी रखी, लेकिन पूरा परिवार मीना की वफादारी को देखते हुए इस फैसले के सख्त खिलाफ था। जब भी डॉक्टर उसे निकालने की कोशिश करता, पत्नी और बेटा मीना की ढाल बनकर खड़े हो जाते। इसी बात ने डॉक्टर की नफरत की आग में घी का काम किया और उसने मीना को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का एक बेहद खौफनाक और आत्मघाती कदम उठा लिया।

क्राइम सीन को री-क्रिएट करेगी पुलिस, अंधविश्वास के एंगल से इनकार

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) हेमंत तिवारी ने बताया कि आरोपी डॉक्टर मनीष गुप्ता ने इस खौफनाक हत्याकांड को अकेले ही अंजाम दिया है। हत्या के समय डॉक्टर की पत्नी घर पर मौजूद नहीं थी, जबकि बेटे को इस खूनी वारदात की भनक काफी बाद में लगी। शुरुआती जांच में कुछ अफवाहें उड़ी थीं कि मीना की हत्या किसी तांत्रिक क्रिया, काले जादू या नेगेटिव एनर्जी के चक्कर में की गई है, लेकिन पुलिस सूत्रों ने साफ किया है कि अब तक की जांच में अंधविश्वास का ऐसा कोई भी सुबूत हाथ नहीं लगा है।

दिल्ली पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किया गया क्रिकेट बैट और छुपाकर रखी जाने वाली नुकीली ‘गुप्ती’ (धारदार हथियार) बरामद कर ली है। पुलिस अब हत्या की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ने और साक्ष्यों को अदालत में पुख्ता ढंग से पेश करने के लिए आरोपी डॉक्टर को मौके पर ले जाकर जल्द ही पूरे क्राइम सीन को री-क्रिएट करने की तैयारी कर रही है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply