बारिश का मौसम जहां एक तरफ राहत और ठंडक लेकर आता है, वहीं दूसरी तरफ ड्राइविंग करने वालों के लिए कई परेशानियां भी खड़ी कर देता है. खासकर शहरों में जलभराव की स्थिति में कार चलाना जोखिम भरा हो जाता है. कई बार लोग जल्दबाजी में पानी भरी सड़क पर गाड़ी ले जाते हैं और बीच रास्ते कार बंद हो जाती है. ऐसी स्थिति में घबराकर बारबार स्टार्ट करने की कोशिश करना सबसे बड़ी गलती हो सकती है, जिससे गाड़ी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है.

पानी में बंद कार को दोबारा स्टार्ट करना क्यों खतरनाक है?
अगर आपकी पानी में जाकर अचानक बंद हो जाए, तो उसे दोबारा स्टार्ट करने से बचना चाहिए. ऐसा करने पर इंजन के अंदर पानी पहुंच सकता है और हाइड्रोलिक लॉक की स्थिति बन सकती है. इसमें इंजन के पिस्टन ठीक से काम नहीं कर पाते और अंदरूनी हिस्से खराब हो सकते हैं. इससे इंजन पूरी तरह फेल भी हो सकता है और मरम्मत पर भारी खर्च आ सकता है.
ये समस्या खासतौर पर डीजल और टर्बो इंजन वाली कारों में ज्यादा गंभीर हो सकती है. साथ ही पानी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, सेंसर और वायरिंग को भी नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए ऐसी स्थिति में कार को बारबार स्टार्ट करने की कोशिश बिल्कुल न करें.
ऐसी स्थिति में क्या करें?
अगर पानी में बंद हो जाए तो सबसे पहले इंजन को बंद ही रहने दें. गाड़ी को धक्का देकर या किसी की मदद से सुरक्षित जगह पर ले जाएं. इसके बाद रोडसाइड असिस्टेंस या किसी एक्सपीरियंस मैकेनिक को तुरंत बुलाएं. सही समय पर लिया गया ये कदम बड़े नुकसान से बचा सकता है.
बारिश में ड्राइविंग के दौरान सावधानियां
बारिश के समय हमेशा कोशिश करें कि पानी भरे रास्तों से बचकर चलें. अगर रास्ते में जलभराव दिखे तो पहले उसकी गहराई का अंदाजा लगाएं. गाड़ी को धीमी और स्थिर स्पीड में चलाएं और अचानक ब्रेक लगाने या तेज एक्सीलेरेशन से बचें.
टायर, ब्रेक और वाइपर की स्थिति पहले से ठीक रखें. साथ ही इंजन ऑयल, एयर फिल्टर और बैटरी की नियमित जांच कराते रहें. बारिश में शीशे खोलने के बजाय AC और डिफॉगर का सही इस्तेमाल करें ताकि विजिबिलिटी बनी रहे. थोड़ी सी सावधानी और समझदारी आपको बड़ी परेशानी और महंगे रिपेयर से बचा सकती है.



