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जियो प्लेटफॉर्म्स ने आखिर दाखिल किया DRHP, इतने हजार करोड़ का होगा इश्यू

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बाजार नियामक सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर दिया है. कंपनी की AGM में मुकेश अंबानी ने कहा था कि IPO से जुड़े कागजात सेबी के पास शुक्रवार यानी आज ही जमा कर दिए जाएंगे. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब 37,700 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. अगर निवेशकों का अच्छा समर्थन मिलता है तो यह भारत के इतिहास के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है.

जियो प्लेटफॉर्म्स ने आखिर दाखिल किया DRHP, इतने हजार करोड़ का होगा इश्यू

सेबी के पास जमा दस्तावेजों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स 10 रुपये की मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी. यह निर्गम के बाद कंपनी की कुल चुकता इक्विटी पूंजी का लगभग 2.9 प्रतिशत हिस्सा होगा. इस आधार पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 137 अरब डॉलर आंका गया है.

रिलायंस के लिए अहम पड़ाव

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक में कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग भारत की तकनीकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगी. उनके मुताबिक, यह IPO केवल पूंजी जुटाने का माध्यम नहीं बल्कि भारत में विश्वस्तरीय टेक्नोलॉजी कंपनियों के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

कर्ज घटाने पर रहेगा फोकस

कंपनी ने बताया है कि IPO से प्राप्त राशि का बड़ा हिस्सा उसकी दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के कर्ज को कम करने में इस्तेमाल किया जाएगा. मार्च 2026 तक RJIL पर कुल 71,529 करोड़ रुपये का कर्ज था. सूत्रों के अनुसार, जुटाई गई रकम में से लगभग 27,500 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने या प्रीपेमेंट के लिए उपयोग किए जा सकते हैं.

देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शामिल

जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार में टेलीकॉम सेवाएं, डिजिटल प्लेटफॉर्म, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और उभरती प्रौद्योगिकी पहल शामिल हैं. इसकी प्रमुख इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम देश की सबसे बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाताओं में से एक है. वित्त वर्ष 202526 में कंपनी का राजस्व 1.47 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ करीब 30,000 करोड़ रुपये रहा. कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ तक पहुंच चुकी है, जिनमें से 26.85 करोड़ ग्राहक 5G नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं.

2030 तक 5G और AI पर बड़ा दांव

जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपनी भविष्य की रणनीति में 2030 तक पूरे ग्राहक आधार को 5G नेटवर्क पर स्थानांतरित करने का लक्ष्य रखा है. इसके अलावा कंपनी ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजिटल सेवाओं को बढ़ाने पर भी जोर दे रही है. वर्ष 2020 में जियो प्लेटफॉर्म्स ने मेटा और गूगल जैसे ग्लोबल निवेशकों से अरबों डॉलर का निवेश आकर्षित किया था. अब IPO के जरिए कंपनी सार्वजनिक बाजार से पूंजी जुटाकर अपने अगले विकास चरण की शुरुआत करने जा रही है. रिलायंस समूह का लगभग दो दशक बाद आने वाला यह सार्वजनिक निर्गम निवेशकों और भारतीय पूंजी बाजार दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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