भारत का स्कूटर बाजार लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है. वित्त वर्ष 202526 में देश में 81.1 लाख से ज्यादा स्कूटरों की बिक्री हुई, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. वहीं नए वित्त वर्ष FY2027 के पहले दो महीनों में ही 14.3 लाख स्कूटर बिक चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में 27 प्रतिशत ज्यादा है. इस तेजी से बढ़ते बाजार में अब सबसे बड़ी टक्कर होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया और TVS के बीच देखने को मिल रही है.

हालांकि Honda आज भी भारत के स्कूटर बाजार की सबसे बड़ी कंपनी है, लेकिन पिछले कुछ सालों में इसका मार्केट शेयर लगातार कम हुआ है. दूसरी ओर TVS ने तेजी से अपनी पकड़ मजबूत की है और Honda को कड़ी चुनौती देना शुरू कर दिया है.
सालों से नंबर 1 है Honda Activa
करीब 25 साल पहले लॉन्च हुई Honda Activa आज भी भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाला स्कूटर है. FY2017 में होंडा के पास स्कूटर बाजार का 57 प्रतिशत हिस्सा था. उस समय देश में बिके 56 लाख स्कूटरों में से 31.8 लाख स्कूटर होंडा ने बेचे थे. लेकिन FY2026 तक तस्वीर काफी बदल गई है. अब होंडा का मार्केट शेयर घटकर 39 प्रतिशत रह गया है. कंपनी ने FY2026 में करीब 31.6 लाख स्कूटरों की बिक्री की. इनमें 28.45 लाख Activa, 3.13 लाख Honda Dio और कुछ इलेक्ट्रिक मॉडल शामिल रहे.
TVS के स्कूटर बने चुनौती
दूसरी तरफ TVS लगातार मजबूत होती जा रही है. कंपनी के पोर्टफोलियो में TVS Jupiter, TVS NTorq और TVS Zest जैसे पेट्रोल स्कूटर मौजूद हैं. वहीं इलेक्ट्रिक सेगमेंट में TVS iQube और Orbiter जैसे मॉडल कंपनी की ताकत बने हुए हैं. FY2017 में TVS का स्कूटर बाजार में हिस्सा सिर्फ 14 प्रतिशत था, लेकिन FY2026 तक यह बढ़कर 28 प्रतिशत पहुंच गया. यानी 10 साल में कंपनी ने अपना मार्केट शेयर लगभग दोगुना कर लिया है. TVS की इस सफलता में Jupiter और NTorq का बड़ा योगदान रहा है. साथ ही इलेक्ट्रिक स्कूटर iQube ने भी कंपनी की ग्रोथ को नई रफ्तार दी है.
बाजार ने ऐसे बदला रुख
सबसे दिलचस्प बात यह है कि होंडा और TVS के बीच बिक्री का अंतर लगातार कम हो रहा है. FY2017 में होंडा ने TVS से 23.6 लाख ज्यादा स्कूटर बेचे थे, लेकिन FY2026 में यह अंतर घटकर करीब 8.59 लाख यूनिट रह गया. हालांकि होंडा अभी भी नंबर1 पोजिशन पर मजबूती से कायम है, लेकिन TVS की तेज रफ्तार यह दिखाती है कि आने वाले सालों में भारतीय स्कूटर बाजार मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है. खासकर इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बढ़ती मांग इस मुकाबले को नया मोड़ दे सकती है.



