
दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर हुई हिंसक मारपीट में एक यात्री की मौत हो गई. मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी पंकज ढामा के रूप में हुई है. रेलवे पुलिस के मुताबिक, घटना स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर उस समय हुई जब पंकज ढामा योगा एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे.
Sahadara Railway Station: रेलवे इतिहास का एक और काला दिन, जहां रेलवे यात्रियों के सफल और सुखद यात्रा की कामना करता है. वहीं यात्री को महज एक सीट के लिए मौत के घाट उतार दिया जाता है. और अगर ऐसा घटना भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हो तो इससे ज्यादा शर्मनाक और कुछ हो नहीं सकता. दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन में 32 वर्षीय यात्री पंकज की पिटाई, जिससे उनकी मौत हो गई.
जानकारी के अनुसार दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर हुई हिंसक मारपीट में एक यात्री की मौत हो गई. मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी पंकज ढामा के रूप में हुई है. रेलवे पुलिस के मुताबिक, घटना स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर उस समय हुई, जब पंकज ढामा योगा एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान कुछ सहयात्रियों के साथ उनका विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो ट्रेन की जनरल बोगी में सीट को लेकर विवाद हो गया, जो तुरंत मारपीट में तब्दील हो गई.
लात-घूंसो से पीट-पीटकर मार डाला
पुलिस के अनुसार, सूचना मिलते ही पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन थाना पुलिस और जांच अधिकारी मौके पर पहुंचे. शुरुआती जांच में पता चला कि पंकज ढामा के साथ कथित तौर पर कुछ सहयात्रियों ने बेरहमी से मारपीट की. आरोप है कि उन्हें मुक्कों और लातों से बुरी तरह पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. मौके पर मौजूद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक कांस्टेबल ने बीच-बचाव कर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक पंकज गंभीर हालत में पहुंच चुके थे. घायल पंकज ढामा को तुरंत गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. रेलवे पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में उनका मेडिको-लीगल केस (MLC) भी दर्ज किया गया है. इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा
डीसीपी रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 और 3(5) के तहत केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पुलिस अब इस मामले में शामिल आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है. स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि पूरी घटना की जानकारी जुटाई जा सके और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके.
सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
गौरतलब है कि रेलवे प्रशासन क्या घटना के समय कान में तेल डालकर सो रहा था. रेलेवे प्लेटफॉर्म पर हर समय RPF और GRP की टीमें तैनात रहती हैं. पर जब भी कोई घटना होती है, तो प्रशासन कहां गुम हो जाता है? सवाल यह है कि एक व्यक्ति की हत्या हो जाती है. और प्रशासन कुछ नहीं कर पाता. अगर यह जनता की सेवा करने में सक्षम नहीं है, तो इनकी क्या आवश्यकता हैं?
रेलवे अधिकारियों को और सरकार को इस बाबत ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चत हो सकें. और इस तरह की भयावह घटना दोबारा न हो.



