
ईरान ने अमेरिका और इजराइल पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का ऐलान किया है। इस फैसले से वैश्विक तेल आपूर्ति, ऊर्जा बाजार और भारत जैसे तेल आयातक देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
ईरान ने अमेरिका और इजराइल पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाते हुए होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का ऐलान किया है।
ईरान ने अमेरिका और इजराइल पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद करने का ऐलान किया है। इस फैसले ने वैश्विक ऊर्जा बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आयात पर निर्भर देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा मार्गों में शामिल है। वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों का निर्यात काफी हद तक इसी मार्ग पर निर्भर है। इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों को सीधे प्रभावित करता है।
भारत पर क्या होगा असर?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है। यदि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसका सीधा असर भारत में पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है। साथ ही परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से महंगाई पर भी दबाव बन सकता है।
ईरान ने क्या कहा?
ईरान की संयुक्त सैन्य कमान का कहना है कि अमेरिका और इजराइल ने हालिया युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के फैसले को अपनी प्रतिक्रिया का पहला कदम बताया है और चेतावनी दी है कि यदि कथित उल्लंघन जारी रहा तो आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। इस घटनाक्रम के बाद मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है और दुनिया भर की निगाहें क्षेत्र की स्थिति पर टिकी हुई हैं।



