
कांग्रेस ने एनटीए पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली को “मजाक” बनाने का आरोप लगाया है। पवन खेड़ा ने कहा कि एक महीने में दूसरी बार हो रही नीट-यूजी परीक्षा में भी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों में डर और निराशा बढ़ी है। उन्होंने नागपुर के छात्र का परीक्षा केंद्र अबू धाबी आवंटित होने का उदाहरण देते हुए सरकार और एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) एक माह में मेडिकल प्रवेश परीक्षा का दूसरी बार आयोजन कर रही है, लेकिन इसमें भी गड़बड़ी हो रही है, जिससे साफ साबित होता है कि एनटीए ने प्रतियोगी परीक्षाओं का मजाक बना कर रख दिया है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने शनिवार को यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि एनटीए के कारण देश के युवाओं के सपने टूट रहे हैं और इस परीक्षा एजेंसी ने उनके दिल में खौफ भर दिया है। एनटीए या भारत सरकार से इस माहौल में कोई उम्मीद नहीं की जा सकती है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इस बारे में सरकार से सवाल उठा रहे हैं और इसकी नाकामयाबी को सामने ला रही है। इस पर सरकार कदम उठाने के बजाय कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ही कठघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रही है।
परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए माकड्रिल कराने संबंधी एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के छात्रों के प्रति असंवेदनशील है और उसने पूरी परीक्षा प्रणाली को ही माकड्रिल बनाकर रख दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि मेडिकल प्रवेश के लिए होने वाली नीट यूजी परीक्षा रविवार को होनी है। उन्होंने कहा कि चिंताजनक बात यह है कि नीट परीक्षा एक माह में दोबारा करवायी जा रही और उसमें भी गड़बड़ियां हो रही हैं। नागपुर के बच्चे का परीक्षा केंद्र अबू धाबी दे रहे हैं। एनटीए ने परीक्षा आयोजन का मजाक बना दिया है।



