Police Encounter In Pradeep Mishra Murder Case: शनिवार की रात आगरा पुलिस कमिश्नरेट में अपराधियों के लिए भारी साबित हुई। कमिश्नरेट के सिटी जोन और पूर्वी जोन में अलगअलग थाना क्षेत्रों में हुई दो पुलिस मुठभेड़ों में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

इनमें तीन आरोपी फायरिंग और लूट के प्रयास के मामले में पकड़े गए, जबकि एक आरोपी हाल ही में हुए चर्चित हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त निकला। दोनों मुठभेड़ों में कुल तीन बदमाश गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ठेकेदार बंटी सिकरवार पर हुई फायरिंग और लूट के प्रयास का मामला
पहली कार्रवाई सिटी जोन के थाना सिकंदरा क्षेत्र में हुई। यहां 18 जून को जूता फैक्ट्री के ठेकेदार बंटी सिकरवार पर हुई फायरिंग और लूट के प्रयास के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस को मिली सूचना के आधार पर देर रात संदिग्धों की घेराबंदी की गई। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में गौरव और शनि उर्फ जयसूर्या के पैर में गोली लग गई, जबकि उनका साथी अशोक भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचे, कारतूस और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की है। पूछताछ में घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है।
प्रदीप मिश्रा हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
वहीं दूसरी कार्रवाई पूर्वी जोन के थाना जैतपुर क्षेत्र में हुई। यहां पुलिस और हत्या के एक वांछित आरोपी के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोमेश पाराशर 18 जून को रूपपुरा गांव में हुए प्रदीप मिश्रा हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त है। पुलिस को उसकी लोकेशन मिलने के बाद घेराबंदी की गई, लेकिन आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में सोमेश पाराशर के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
315 बोर का तमंचा बरामद
पूछताछ के दौरान सोमेश पाराशर ने प्रदीप मिश्रा की करने की बात स्वीकार की है। उसके कब्जे से बरामद 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा भी पुलिस ने बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में बरामद तमंचे के हत्याकांड में प्रयुक्त होने की पुष्टि होने की बात सामने आई है।
एक ही रात में हुई इन दो बड़ी कार्रवाइयों ने यह संदेश दिया है कि आगरा पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रही है। का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है और उनसे पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। कमिश्नरेट पुलिस का दावा है कि दोनों मामलों में अहम सफलता मिली है और जल्द ही कई अन्य खुलासे भी सामने आ सकते हैं।



