जो लोग 9 घंटे या इससे ज्यादा देर एक ही जगह बैठे रहने की जॉब करते हैं उन्हें बीचबीच में ब्रेक जरूर लेना चाहिए. नई रिसर्च सामने आई है जिसके मुताबिक अगर ऐसे लोग हर घंटे में सिर्फ 5 मिनट की सैर करते हैं तो शरीर को ढेरों फायदे मिलती हैं. 5 मिनट टहनले का तरीका सबसे आसान और प्रभावी हो सकता है. रिसर्च कहती है कि इससे न सिर्फ हमारे शरीर को फायदा मिलता है बल्कि मूड अच्छा होता है और थकान भी कम महसूस होती है.

ये रिसर्च मेडिकल जर्नल ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में जारी किया गया है. इसके रिसर्चर कहते हैं कि देर तक एक ही जगह बैठे रहने की वजह से ओबेसिटी, शुगर, दिल की बीमारियां और पुरानी बीमारियों का डर बढ़ जाता है.
कितने लोगों पर किया गया रिसर्च
इस रिसर्च में अमेरिका के कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के रिसर्चर शामिल रहे. इनमें 19300 से ज्यादा वयस्कों को शामिल किया गया. ये सभी नेशनल पब्लिक रेडियो के इंवेट बॉडी इलेक्ट्रिक चैलेंज में शामिल हुए थे. हिस्सा लेने वाले लोगों को हर 30, 60 और 120 मिनट में 5 मिनट का वॉकिंग ब्रेक लेने की सलाह दी गई. इससे पहले इन्होंने 7 दिनों तक अपना नॉर्मल रूटीन फॉलो किया था.
रिसर्च में क्या आया सामने?
प्रतिभागियों ने 21 दिन तक ये रूटीन फॉलो किया और उनमें थकान कम और मूड बेहतर के लक्षण देखे गए. रिसर्च कहती है कि 60 मिनट के अंतराल पर लिया गया 5 मिनट का वॉकिंग ब्रेक ज्यादा कारगर साबित हुए. रिसर्चर के मुताबिक 30 मिनट पर ब्रेक लेने से मूड और एनर्जी दोनों में सुधार था लेकिन इसे नियमित रूप से अपनाना मुश्किल था
वहीं 120 मिनट वाले ब्रेक से शरीर में थोड़ा कम असर देखा गया. देखा जाए तो 60 मिनट पर 5 मिनट की सैर का असर पॉजिटिव है और व्यावहारिकता के लिहाज से भी ये बेहतर है. सबसे जरूरी है कि इस रूटीन को नियमित रूप से फॉलो किया जाना जरूरी है.
मिलता है ये फायदा
ये तरीका आपके स्ट्रेस को कम करता है और काम में प्रोडक्टिविटी भी बढ़ती है. जो लोग ऑफिस में बैठकर घंटों काम करते हैं उनके लिए ये तरीका रामबाण इलाज साबित हो सकता है. हर घंटे केवल 5 मिनट टहलने की आदत आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी हो सकती है.
शरीर को मिलते हैं ये फायदे
इस तरह की फिजिकल एक्टिविटी को अपनाना सबसे आसान है. इस तरह आप दिनभर में कम से कम 30 मिनट की सैर कर लेते हैं और टाइम का पता भी नहीं चलता.
सैर करने से हमारी हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत बन पाती है. जिन्हें पैरों में दर्द रहता है उन्हें एक्सपर्ट की सलाह पर वॉकिंग का रूटीन फॉलो करना चाहिए.



