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कानपुर में एक महिला ने उत्पीड़न से तंग आकर दुनिया को अलविदा कह दिया। मासूम बच्चों को छोड़ उसने आत्महत्या से पहले तीन पेज के सुसाइड नोट में जिंदगी का दर्द लिखा। वहीं, बच्चों ने पिता की दरिंदगी को बयां किया।
बिधनू के गुरु का पुरवा गांव में दहेज उत्पीड़न और मारपीट से तंग महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पूर्व उसने तीन पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर ससुरालीजन पर ताड़ित करने और पति द्वारा शराब पीकर आए दिन मारपीट करने का आरोप लगाया है। स्वजन ने महिला की हत्या कर शव फंदे से लटकाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
कानपुर देहात के शिवली रैपालपुर निवासी नवाब सिंह की 29 वर्षीय बेटी सुमन की शादी आठ वर्ष पहले गुरु का पुरवा निवासी बस चालक इंद्रजीत से हुई थी। जिससे दो बच्चे श्याम और भूमि हैं। पिता नवाब सिंह का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुरालीजन प्लाट खरीदने के लिए 10 लाख रुपये दहेज की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर सुमन से मारपीट की जाती थी।
छह साल पहले नहर में भी फेंका था
करीब छह वर्ष पहले इंद्रजीत ने दहेज न मिलने पर सुमन की पिटाई कर उसे नहर में फेंक दिया था। रिश्तेदारों के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ था। नवाब सिंह के मुताबिक पिछले चार वर्षों से इंद्रजीत पत्नी और बच्चों के साथ अपने मामा सुमेर के घर रह रहा था। 19 मई को फिर मारपीट होने पर वह बेटी और दोनों बच्चों को मायके ले आए थे। पति के दोबारा मारपीट न करने के आश्वासन पर 28 जुलाई को सुमन को ससुराल भेज दिया गया था।
पड़ोसियों ने दी आत्महत्या की जानकारी
सोमवार को पड़ोसियों ने फोन कर सुमन के फंदे से लटके होने की जानकारी दी। स्वजन के अनुसार बच्चों ने बताया कि स्कूल जाने से पहले पिता ने मां की पिटाई की थी। स्कूल से लौटने पर सुमन फंदे से लटकी मिलीं। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में सुमन ने लिखा कि ससुरालीजन ने उसे काफी परेशान किया। उसने सुधा मामी को एक लाख और बनवारी मामा कल्लू सिंह को जमीन के लिए 3.20 लाख रुपये देने की बात भी लिखी है। सुमन ने अपने बच्चों को पैसा और सामान दिलाने की मांग की है।



