
भारतीय वायुसेना से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए विंग कमांडर एम सबरवाल के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में लगातार नए और हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े हो गए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी अधिकारी किस तरह से पाकिस्तानी खुफिया तंत्र के बिछाए गए प्रेम और जासूसी के जाल में फंसता चला गया।
टेलीग्राम के जरिए महिला जासूस के संपर्क में आया था अधिकारी
स्पर्श और सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच कर रहे स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी विंग कमांडर एम सबरवाल पाकिस्तानी महिला जासूस के संपर्क में बहुत जल्दी आ गए थे और दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई थी। वह महिला द्वारा मांगी जाने वाली हर खुफिया जानकारी और सामरिक तथ्य तुरंत आगे बढ़ा देते थे। यह पूरा खेल हनीट्रैप के जरिए खेला गया था, जहां आरोपी अधिकारी टेलीग्राम ऐप के माध्यम से उस महिला के संपर्क में आया था। उस शातिर महिला ने अपनी असली पहचान छिपाते हुए खुद को एक भारतीय महिला के रूप में पेश किया था, जिस पर विंग कमांडर भरोसा कर बैठे। दोनों के बीच एक महीने से अधिक समय तक लगातार बातचीत का सिलसिला चला, जिसके दौरान महिला ने भारत की रक्षा से जुड़ी कई संवेदनशील जानकारियां और सामरिक सूचनाएं हासिल कर लीं।
सहकर्मियों के मोबाइल में गुप्त रूप से डाउनलोड कराई थी खतरनाक ऐप
जांच में यह बात भी सामने आई है कि पाकिस्तानी महिला जासूस के इशारे पर विंग कमांडर ने अपनी यूनिट के आठ से दस अन्य सहकर्मियों के मोबाइल फोन में चोरी-छिपे एक विशेष ऐप डाउनलोड कर दी थी। इस खतरनाक ऐप के फोन में इंस्टॉल होते ही उन सभी सहकर्मियों के मोबाइल का रिमोट एक्सेस सीधे उस पाकिस्तानी महिला जासूस के पास पहुंच गया था। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का यह भी कहना है कि अपनी इस गंभीर गलती का अहसास होने पर विंग कमांडर ने अगले ही दिन अपने साथियों के फोन से उस ऐप को डिलीट भी कर दिया था, लेकिन तब तक काफी संवेदनशील डेटा खतरे में पड़ चुका था।
जिरकपुर के रहने वाले हैं आरोपी विंग कमांडर, पत्नी भी रह चुकी हैं एयरफोर्स में
मूल रूप से पंजाब के जिरकपुर के रहने वाले विंग कमांडर एम सबरवाल वर्तमान में दिल्ली के द्वारका इलाके में रह रहे थे। सबसे हैरानी की बात यह है कि उनकी पत्नी भी भारतीय वायुसेना में कार्यरत रह चुकी हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट ने वायुसेना की खुफिया विंग से मिले इनपुट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 मई की रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। उनके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस द्वारा अपनी जांच पूरी करने के बाद इसी साल 7 जुलाई को अदालत में विस्तृत आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है।



