देश के ऑटोमोबाइल मार्केट में जून 2026 के दौरान शानदार तेजी देखने को मिली. टैक्स में राहत, कम ब्याज दरों, आयकर छूट और ग्राहकों की लगातार बनी हुई मांग के चलते घरेलू कार बिक्री में पिछले साल की तुलना में 24 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. पिछले महीने कंपनियों ने करीब 4 लाख कारें, एसयूवी और सेडान डीलरों तक पहुंचाईं, जबकि जून 2025 में यह संख्या लगभग 3.21 लाख थी. यह लगातार तीसरा महीना है जब कार बिक्री में दोहरे अंकों की बढ़त दर्ज की गई है. इन आंकड़ों में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री भी शामिल है.

कंपनियों की सेल बढ़ी
इस शानदार प्रदर्शन में सबसे बड़ा योगदान देश की कई बड़ी वाहन निर्माता कंपनियों का रहा. की बिक्री 24 फीसदी, टाटा मोटर्स की 67 फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा की 28 फीसदी बढ़ी. मारुति सुजुकी ने बताया कि फैक्ट्री में एक सप्ताह के रखरखाव कार्य के बावजूद जून में कंपनी ने अब तक की सबसे अधिक थोक बिक्री दर्ज की. हरियाणा के खरखौदा प्लांट की बढ़ी हुई प्रोडक्शन कैपेसिटी का भी इसका फायदा मिला. कंपनी का कहना है कि छोटी कारों और एसयूवी दोनों की मांग मजबूत बनी हुई है, हालांकि ईरान संकट और सामान्य से कमजोर मानसून जैसी चुनौतियां भी मौजूद हैं.
इलेक्ट्रिक कारों की मांग तेजी से बढ़ रही
मारुति की सीएनजी कारों की मांग भी काफी मजबूत रही. जून में कंपनी की कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी रही. महीने के अंत तक कंपनी के पास लगभग 1.30 लाख वाहनों के ऑर्डर लंबित थे. के अनुसार नए मॉडलों की अच्छी प्रतिक्रिया और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता से बिक्री को मजबूती मिली है। कंपनी का कहना है कि अब एंट्रीलेवल इलेक्ट्रिक कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे भारत में ईवी अपनाने की रफ्तार तेज हो रही है.
टोयोटा की सेल बढ़ी
वहीं, हुंडई मोटर इंडिया की बिक्री में 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इसकी वजह एक सप्लायर की फैक्ट्री में लगी आग रही, जिससे कुछ समय के लिए प्रोडक्शन प्रभावित हुआ. कंपनी ने कहा कि उत्पादन अब सामान्य हो चुका है और दूसरी तिमाही में इस कमी की भरपाई कर ली जाएगी. दूसरी ओर, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर की बिक्री में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.
दोपहिया वाहन की भी मांग अच्छी
दोपहिया वाहन बाजार में भी अच्छी मांग देखने को मिली. होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया और रॉयल एनफील्ड की बिक्री में मजबूत बढ़त दर्ज हुई, जबकि हीरो मोटोकॉर्प की थोक बिक्री थोड़ी घटी, लेकिन खुदरा बिक्री बेहतर रही. कमर्शियल वाहनों में टाटा मोटर्स और अशोक लेलैंड दोनों ने मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की. वहीं, महिंद्रा के ट्रैक्टर कारोबार में भी 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. कंपनी का मानना है कि सरकार की कृषि सहायता योजनाएं और उर्वरक सब्सिडी किसानों को राहत देंगी, जिससे आने वाले महीनों में मांग बनी रह सकती है.


