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घरेलू कलह से हुई इतना परेशान, 1 लाख की सुपारी देकर पति का करवा डाला काम तमाम… पहुंची जेल

Nagpur News: महाराष्ट्र के नागपुर से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक वारदात सामने आई है. नागपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 37 वर्षीय मनीषा बोरकर को अपने ही 45 वर्षीय पति गणेश बोरकर की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, मनीषा ने घरेलू विवाद और रोजरोज के झगड़ों से परेशान होकर पति को रास्ते से हटाने के लिए पेशेवर हमलावरों को काम पर लगाया था. इस मामले में पुलिस ने एक अन्य मुख्य आरोपी अभिजीत साखरे को भी दबोच लिया है, जबकि दो अन्य शूटर अब भी फरार हैं.

घरेलू कलह से हुई  इतना परेशान, 1 लाख की सुपारी देकर पति का करवा डाला काम तमाम… पहुंची जेल

यह पूरी खौफनाक वारदात 2 जुलाई की रात नागपुर के भांडेवाड़ी इलाके में अंजाम दी गई. 45 वर्षीय गणेश बोरकर रात के समय भांडेवाड़ी इलाके में स्थित एक चाय की दुकान पर गए थे. जब वो चाय पीकर अपने घर लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे पेशेवर हमलावरों ने उन्हें घेर लिया. हमलावरों ने गणेश पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ कई वार किए. हमला इतना भयानक था कि गणेश की मौके पर ही तड़पतड़प कर मौत हो गई और हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए.

1 लाख में हुआ था सौदा; 50 हजार का हुआ था एडवांस पेमेंट

घटना के बाद मृतक गणेश की मां की शिकायत पर भांडेवाड़ी पुलिस थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया. जब क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और खुफिया जानकारी के आधार पर जांच शुरू की, तो शक की सूई पत्नी मनीषा की तरफ घूमी.

पूछताछ में सामने आया कि मनीषा घरेलू विवाद के कारण पिछले कुछ समय से अपने बच्चों को लेकर पति से अलग रह रही थी. वह रोजरोज के तनाव को हमेशा के लिए खत्म करना चाहती थी. इसके लिए उसने आरोपी अभिजीत साखरे के जरिए सुपारी किलर्स से संपर्क साधा.

पति की हत्या के लिए कुल 1 लाख रुपये की डील तय हुई थी. मनीषा ने काम होने से पहले ही 50,000 एडवांस के तौर पर हमलावरों को दे दिए थे, जबकि बाकी के 50,000 हत्या का काम सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद दिए जाने थे. कड़े इम्तिहान और पुलिसिया पूछताछ के आगे मनीषा टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

मृतक का भी था खौफनाक बैकग्राउंड; दर्ज थे 18 आपराधिक मामले

पुलिस तफ्तीश में इस हत्याकांड का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है. जिस गणेश बोरकर की हत्या हुई है, वह खुद भी कोई सीधासाधा इंसान नहीं था, बल्कि नागपुर पुलिस के रिकॉर्ड में एक शातिर अपराधी था. गणेश बोरकर के खिलाफ हत्या के प्रयास, अवैध शराब की तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज थे.

हालांकि, नागपुर के सीनियर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक का आपराधिक इतिहास इस हत्याकांड की जांच को बिल्कुल भी प्रभावित नहीं करेगा. पुलिस इस मामले को एक शुद्ध अपराध के रूप में देख रही है और कानूनन कार्रवाई की जा रही है.

फरार आरोपियों के लिए पुलिस की छापेमारी

नागपुर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस खौफनाक साजिश में शामिल पत्नी मनीषा और मददगार अभिजीत को जेल भेज दिया गया है. वारदात को अंजाम देने वाले दो अन्य फरार हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़कर सलाखों के पीछे डाला जाएगा.

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