मेरठ: मेरठ के लोहियानगर थाना इलाके की जाकिर कॉलोनी में शनिवार की सुबह अफशा की उसके छोटे भाई आरिश ने सोते समय सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। हादसा साबित करने के लिए परिजनों ने खून से लथपथ अफशा को अस्पताल पहुंचाया और बताया कि वह छत से गिर गई है। सिर में गोली लगने का पता चलने पर चिकित्सक ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने आरिश को गिरफ्तार करके उसकी मां कासिफा और अन्य परिजनों पर प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, शादी से इन्कार और युवक से प्रेम संबंध को लेकर परिजन अफशा से नाराज थे।

मक्का मस्जिद के पास रहने वाले नूर मोहम्मद के परिवार में चार बेटे आरिश, कैफ, अब्दुल उर्फ अदू और जुनैद हैं। नूर का 12 वर्ष पहले निधन हो चुका है। परिवार मच्छरदानी बनाने व बेचने का काम करता है। कैफ इन दिनों ओडिशा जमात में गया हुआ है।
अफशा चारों भाइयों में इकलौती और सबसे बड़ी बहन थी। शनिवार की सुबह करीब सवा छह बजे मां कासिफा और तीन भाई आरिश, अब्दुल व जुनैद अफशा को लेकर अस्पताल पहुंचे और बताया कि छत से गिरकर घायल हुई है। चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया और सिर में गोली लगने की सूचना पुलिस को दे दी।
सूचना मिलते ही एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले, सीओ कोतवाली संग्राम सिंह और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी आरिश को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया है।
जांच में सामने आया कि परिवार अफशा की शादी करना चाहता था। लड़का देख लिया था लेकिन अफशा ने शादी से इन्कार कर दिया था। वह मोबाइल पर किसी युवक से बात करती थी। परिजनों को शक था कि उसका किसी से प्रेमप्रसंग है इसीलिए शादी से मना कर रही है।
मेरठ की जाकिर कॉलोनी में अफशा की हत्या के बाद परिवार ने वारदात छिपाने की पूरी कोशिश की। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस कमरे में अफशा की गोली मारकर हत्या की गई थी वहां का खून साफ कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।
इसके बाद घायल अफशा को अस्पताल ले जाकर परिजनों ने चिकित्सकों और आसपास के लोगों को बताया कि वह छत से गिर गई है। मां कासिफा से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने दावा किया कि घटना के समय वह टॉयलेट में थीं। बाहर आने पर बेटी को खून से लथपथ फर्श पर पड़ा देखा। हालांकि फर्श से खून किसने साफ किया और घर में तमंचा कहां से आया इन सवालों का वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। इतना ही नहीं आरोपियों ने मोहल्ले के लोगों को भी अफशा के छत से गिरने की जानकारी दी थी।
पड़ोसी असलम और पार्षद शब्बीर ने बताया कि उन्हें भी यही बताया गया था कि अफशा हादसे में घायल हुई है। हालांकि कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि भाई और बहन के बीच पहले भी विवाद होता था और परिवार उससे नाराज रहता था। पुलिस ने आरोपी आरिश को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया है। साथ ही मां कासिफा और अन्य परिजनों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य मिटाने या साजिश में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने इस मामले में लोहियानगर थाने के दरोगा अमित मलिक ने आरिश, उसकी मां कासिफा और अन्य परिजन के खिलाफ बीएनएस की धारा 103 और 238 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में अमित मलिक ने कहा है कि पुलिस टीम ने जगदंबा अस्पताल पहुंचकर जांच की। यहां पता चला कि अफशा आईसीयू में भर्ती थी।
उसके सिर में दाहिनी तरफ पीछे से गोली लगी थी। उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस टीम उसके घर पहुंची तो उसके भाई भाग गए। उसकी मां कासिफा घर में मिली। घर के कमरे में पोछा लगाकर साक्ष्य मिटाए गए थे। खून के कुछ छींटे वहां पड़े हुए थे। परिवार के लोगों ने वारदात की सूचना पुलिस को नहीं दी। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि आरिश व परिवार के सदस्यों ने मिलकर अफशा की गोली मारकर हत्या की है। एसपी सिटी ने बताया कि जांच में पता चला है कि अफशा एक उवैश नाम के युवक से बात करती थी। इससे क्षुब्ध होकर आरोपियों ने वारदात की है। आरोपी आरिश को भूमिया के पुल से गिरफ्तार किया गया है।



