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पहले ब्लूटूथ से बंद करते हैं ई-रिक्शा, फिर चालू करने के नाम पर वसूली… मुरादाबाद में ये कैसा खेल? टेंशन में चालक

Moradabad ERickshaw BAT BMS App: यूपी के मुरादाबाद जिले में ईरिक्शा चालकों के लिए एक मोबाइल ऐप नई मुसीबत बनकर सामने आया है. आरोप है कि कुछ शरारती तत्व ब्लूटूथ आधारित मोबाइल ऐप के जरिए चलते हुए ईरिक्शा को बीच सड़क पर ही बंद कर रहे हैं. इससे न केवल चालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है. सरकार ने पहले ऐसे एक ऐप पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन अब उसके नए वर्जन और अन्य समान ऐप्स के जरिए यह खेल फिर शुरू हो गया है.

पहले ब्लूटूथ से बंद करते हैं ई-रिक्शा, फिर चालू करने के नाम पर वसूली… मुरादाबाद में ये कैसा खेल? टेंशन में चालक

टीवी9 भारतवर्ष की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि ईरिक्शा चालकों को दिनभर में कई बार इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है. चलतेचलते रिक्शा अचानक बंद हो जाता है, जिससे सवारियां बीच रास्ते में उतरकर चली जाती हैं. इससे चालकों की रोज की कमाई प्रभावित हो रही है और किराए पर रिक्शा चलाने वालों के सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है.

क्या कहते हैं ईरिक्शा?

पीड़ित ईरिक्शा चालक आसिफ ने बताया कि कई लोग सिर्फ मनोरंजन के लिए ऐप के जरिए रिक्शा बंद कर देते हैं. इसके बाद रिक्शा दोबारा चालू करने में काफी समय लग जाता है और सवारियां भी चली जाती हैं. वहीं चालक प्रमोद कुमार ने कहा कि, जब 50 या 100 रुपये का भाड़ा तय करके सवारी बैठती हैं और गाड़ी बीच रास्ते में बंद हो जाती है, तो सवारी तुरंत छोड़ देती है.

दिन में तीनचार बार ऐसा होने पर पूरा नुकसान उठाना पड़ता है. वहीं गुलजार अली ने बताया कि पुल पर चढ़ते समय अचानक रिक्शा बंद हो गया था, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था. एक अन्य चालक शिवम का आरोप है कि कुछ युवकों ने रिक्शा बंद करने के बाद उसे चालू करने के बदले 100 से 150 रुपये तक की वसूली भी की.

क्या कहते हैं साइबर एक्सपर्ट?

इस मामले पर साइबर एक्सपर्ट मनीष गोयल ने भी गंभीर चिंता जताई है. उनका कहना है कि ‘BAT BMS’ मूल रूप से बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को नियंत्रित करने वाला एक चीनी ऐप है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल ईरिक्शा को ब्लूटूथ के जरिए लॉक या बंद करने में किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे ऐप डाउनलोड करने वाले लोग खुद भी साइबर खतरे में पड़ सकते हैं. उनके मुताबिक, इस तरह के संदिग्ध ऐप मोबाइल फोन से निजी और वित्तीय जानकारी चोरी कर सकते हैं, जिससे भविष्य में साइबर ठगी का खतरा बढ़ सकता है.

ईरिक्शा चालकों ने की ये मांग

ईरिक्शा चालकों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि ऐसे ऐप्स पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और इनके दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उनका कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो हजारों ईरिक्शा चालकों की आजीविका प्रभावित होने के साथसाथ आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है.

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