
बाराबंकी जिले में एसटीएफ ने एक ऐसे अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है, जिसने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी सबसे जरूरी चीज, चाय को ही सवालों के घेरे में ला दिया है। थाना बड्डूपुर क्षेत्र के ग्राम शाहपुर में चल रही नकली और मिलावटी चायपत्ती बनाने की फैक्ट्री पर छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
एसटीएफ की टीम ने मौके से लगभग 763.75 किलोग्राम मिलावटी चायपत्ती बरामद की है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री और रसायन भी मिले हैं। बरामद सामान में फर्जी ब्रांड की मिलावटी चायपत्ती के सैकड़ों पैकेट, लगभग 3.9 किलोग्राम रंगीन रसायन, पैकिंग मशीन और भारी मात्रा में खाली रैपर और बोरे शामिल हैं। इन सभी चीजों का इस्तेमाल नकली चाय को असली ब्रांड की तरह पैक कर बाजार में बेचने के लिए किया जा रहा था।
कैसे चलता था मिलावट का यह धंधा?
जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित गिरोह द्वारा चलाया जा रहा था। गिरोह के सदस्य असम से सस्ती और घटिया क्वालिटी की चायपत्ती मंगाते थे। इसके बाद उसमें रंग और रसायन मिलाकर उसे मजबूत स्वाद और आकर्षक रंग दिया जाता था। फिर इस मिलावटी चाय को अलग-अलग नामी ब्रांड के पैकेट में पैक कर लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, शाहजहांपुर और बहराइच जैसे जिलों में सप्लाई किया जाता था।
गिरफ्तार आरोपी ने खोले कई राज
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद शकील ने पूछताछ में स्वीकार किया कि यह पूरा कारोबार एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। उसके मुताबिक, इस धंधे में कई लोग शामिल हैं जो अलग-अलग स्तर पर काम करते हैं। उसने यह भी बताया कि कम लागत में तैयार होने वाली यह नकली चाय बाजार में असली ब्रांड के नाम पर बेची जाती थी, जिससे गिरोह को मोटा मुनाफा होता था।
एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
एसटीएफ की यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने शाहपुर गांव में छापा मारा और मौके से एक आरोपी को दबोच लिया। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
इस मामले में थाना बड्डूपुर में बीएनएस की धारा 318(2), 318(4), 274 और 275 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क और फंडिंग चैन की जांच कर रही है। फिलहाल प्रशासन की नजर पूरे सप्लाई चेन पर है और जांच आगे बढ़ रही है।



