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Zero Down Payment पर कार खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना पड़ सकता है भारी

आजकल कार कंपनियां और बैंक मिलकर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए Zero Down Payment Car Loan का ऑफर दे रहे हैं. इस स्कीम में दावा किया जाता है कि आप बिना एक भी पैसा दिए नई कार घर ला सकते हैं. यही वजह है कि कई लोग इसे एक आसान और सुविधाजनक तरीका मानकर कार खरीदने की योजना बना लेते हैं. लेकिन इस ऑफर को अपनाने से पहले इसके सभी पहलुओं को समझना बहुत जरूरी है.

Zero Down Payment पर कार खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना पड़ सकता है भारी

जीरो डाउन पेमेंट स्कीम

दरअसल, में बैंक कार की पूरी ऑनरोड कीमत पर लोन देता है. सामान्य लोन में जहां ग्राहक कुछ राशि डाउन पेमेंट के रूप में देता है, वहीं इस स्कीम में पूरी रकम फाइनेंस हो जाती है. इसका सीधा असर आपकी हर महीने की EMI पर पड़ता है. क्योंकि लोन अमाउंट ज्यादा होता है, इसलिए मासिक किस्त भी काफी बढ़ जाती है, जिससे आपके घरेलू बजट पर दबाव बढ़ सकता है.

ब्याज दर भी एक बड़ा फैक्टर

इसके अलावा इस स्कीम में ब्याज दर भी एक बड़ा फैक्टर होता है. बैंक और वित्तीय संस्थान ऐसे लोन को ज्यादा रिस्की मानते हैं, इसलिए इन पर सामान्य कार लोन की तुलना में अधिक ब्याज लिया जा सकता है. कई मामलों में यह 1 से 2 प्रतिशत तक ज्यादा हो जाता है. लंबे समय में यह छोटा अंतर भी आपके ऊपर भारी पड़ सकता है और आप कार की असली कीमत से काफी ज्यादा भुगतान कर देते हैं.

कई छिपे हुए चार्ज भी शामिल हो सकते हैं

इसके साथ ही इस ऑफर में कई छिपे हुए चार्ज भी शामिल हो सकते हैं. भले ही विज्ञापन में यह कहा जाए कि कार बिना पैसे दिए मिल जाएगी, लेकिन वास्तव में प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशन चार्ज, इंश्योरेंस और रोड टैक्स जैसे खर्च आपको शुरुआत में ही देने पड़ते हैं. कई बार ये खर्च लोन में जोड़ दिए जाते हैं, जिससे कुल कर्ज और भी बढ़ जाता है.

पूरे एग्रीमेंट को ध्यान से समझना जरूरी

यही नहीं, कुछ मामलों में शर्तें और नियम भी काफी जटिल होते हैं, जिन्हें लोग ठीक से पढ़े बिना साइन कर देते हैं. बाद में यही शर्तें परेशानी का कारण बन सकती हैं. इसलिए किसी भी जीरो डाउन पेमेंट ऑफर को लेने से पहले पूरे एग्रीमेंट को ध्यान से समझना जरूरी है.कुल मिलाकर, जीरो डाउन पेमेंट कार लोन सुनने में भले ही आसान और आकर्षक लगे, लेकिन इसमें EMI का बोझ, ज्यादा ब्याज और अतिरिक्त चार्ज जैसी कई चुनौतियां छिपी होती हैं. इसलिए कार खरीदने का फैसला सोचसमझकर और अपनी वित्तीय क्षमता को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए.

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