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Sugar-Free Diet Side Effects: क्या बिना चीनी की डाइट बिगाड़ सकती है सेहत? एक्सपर्ट से समझें पूरा मामला..

Sugar-Free Diet Side Effects: क्या बिना चीनी की डाइट बिगाड़ सकती है सेहत? एक्सपर्ट से समझें पूरा मामला..

फिट रहने और वजन घटाने की होड़ में आजकल ‘शुगर-फ्री डाइट’ या चीनी को पूरी तरह से छोड़ देने का चलन तेजी से बढ़ा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भोजन से चीनी को पूरी तरह से गायब कर देना आपकी सेहत के लिए उतना ही खतरनाक हो सकता है जितना कि इसका अत्यधिक सेवन? मेडिकल एक्सपर्ट्स और न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार, शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए ग्लूकोज जो चीनी या कार्बोहाइड्रेट से मिलता है, की एक निश्चित मात्रा बॉडी के लिए आवश्यक होती है।

कुवैत के दासमन डायबिटीज इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स के एक ग्रुप ने 16 हफ़्तों तक चूहों को बिना सुक्रोज वाली कम फैट की डाइट और सुक्रोज वाली डाइट देकर उनकी तुलना की। रिसर्च में बताया गया कि शुगर फ्री डाइट सेहत के लिए नुकसान दायक भी होती है।शिकागो में एंडोक्राइन सोसाइटी की सालाना मीटिंग में पेश की गई इस स्टडी के मुताबिक, जिन चूहों को सुक्रोज-फ्री और कम फैट वाली डाइट दी गई, उनमें सुक्रोज वाली डाइट लेने वाले चूहों की तुलना में ब्लड शुगर कंट्रोल बेहद खराब रहा। रिसर्च में पाया गया कि शुगर फ्री डाइट का चूहों में सेवन करने से उनमें सूजन बढ़ी, गट बैक्टीरिया बिगड़े और फैटी लिवर के लक्षण भी काफी खराब हुए। अध्ययन के अनुसार, खाने से चीनी को पूरी तरह स्किप करना शरीर के मेटाबॉलिज्म और आंतों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बात

कुवैत स्थित दसमान डायबिटीज इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने दो समूहों के चूहों की तुलना की। एक समूह को सुक्रोज युक्त लो-फैट डाइट दी गई थी और दूसरे समूह को पूरी तरह सुक्रोज फ्री लो फैट डाइट दी गई। अध्ययन में पाया गया कि दोनों समूहों का वजन लगभग समान रहा, लेकिन शुगर-फ्री डाइट वाले चूहों में इंसुलिन रेजिस्टेंस, ग्लूकोज नियंत्रण में कमी, आंतों में सूजन और गट माइक्रोबायोम में असंतुलन जैसी समस्याएं अधिक देखी गईं।

शुगर फ्री डाइट पर एक्सपर्ट की राय

मुंबई सेंट्रल के वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स में कंसल्टेंट एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. प्रणव घोडी ने इन नतीजों को दिलचस्प बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इन्हें सावधानी से समझना चाहिए। डॉ. घोडी ने कहा इस स्टडी में चूहों का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि जानवरों पर की गई स्टडी से काम की जानकारी मिल सकती है, लेकिन उनके नतीजे हमेशा इंसानों पर लागू नहीं होते। यह रिसर्च बताती है कि न्यूट्रिशन का मतलब किसी एक खाद्य तत्व को पूरी तरह हटाने का नाम नहीं है, बल्कि संतुलित और गुणवत्तापूर्ण आहार अधिक महत्वपूर्ण होता है।

क्या शुगर-फ्री डाइट सेहत को बिगाड़ती है?

जब डॉ. घोडी से शुगर फ्री डाइट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एडेड शुगर यानी मिठाइयों, कोल्ड ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड्स में मौजूद चीनी को कम करना सेहत के लिए लाभकारी है। हालांकि फलों, सब्जियों, दूध और साबुत अनाज में प्राकृतिक रूप से मौजूद शर्करा शरीर को ऊर्जा और जरूरी पोषक तत्व देती है। उनका कहना है कि सभी प्रकार की शुगर को डाइट से पूरी तरह खत्म कर देना एक अत्यधिक प्रतिबंधात्मक तरीका हो सकता है, जो हर किसी के लिए सही नहीं है।

गट हेल्थ पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों के अनुसार हमारी आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहते हैं। नेचुरल शुगर वाले कई खाद्य पदार्थ फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो गट माइक्रोबायोम को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर कोई व्यक्ति शुगर-फ्री डाइट के नाम पर इन पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भी अपनी डाइट से बाहर कर देता है, तो इससे आंतों के बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ सकता है। हालांकि इस संबंध में इंसानों पर और अधिक शोध की आवश्यकता है।

अच्छी हेल्थ और डायबिटीज को मैनेज करने के लिए क्या शुगर फ्री डाइट सही है?

हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि लोगों को चीनी से डरने या चीने से भरपूर फूड्स को डाइट से निकालने की जरूरत नहीं है। आप शुगर मैनेज करने के लिए और बॉडी को हेल्दी रखने के लिए एडेड शुगर कम करने पर ध्यान दें। इसके साथ ही डाइट में पर्याप्त मात्रा में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर शामिल करें। एक्सपर्ट ने बताया लम्बे समय तक हेल्दी रहने के लिए टिकाऊ और संतुलित खानपान जरूरी है ना कि प्रतिबंधित डाइट का सेवन करना।

सभी तरह की शुगर क्या नुकसान पहुंचाती है?

एक्सपर्ट का मानना है कि सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि सभी प्रकार की शुगर समान रूप से नुकसानदायक होती हैं। उदाहरण के लिए एक सेब में मौजूद नेचुरल शुगर के साथ फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्व भी मिलते हैं, जबकि सॉफ्ट ड्रिंक केवल अतिरिक्त कैलोरी देती है और पोषण बहुत कम मिलता है। इसलिए अच्छी हेल्थ के लिए केवल चीनी को दोषी ठहराने की बजाय पूरे खानपान के पैटर्न पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी प्रकार की डाइट या स्वास्थ्य संबंधी बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

contact.satyareport@gmail.com

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