भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर आज यानी की 10 जुलाई को अपना 77वां जन्मदिन मना रहे हैं। सुनील गावस्कर ने 39 साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। लेकिन क्रिकेट से उनका रिश्ता आज भी कायम है। खिलाड़ी से कमेंटेटर तक का सुनील का यह सफऱ इस बात का उदाहरण है कि कुछ लोगों के लिए क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं बल्कि पूरा जीवन होता है। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर सुनील गावस्कर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…
जन्म और परिवार

मुंबई में 10 जुलाई 1949 को सुनील गावस्कर का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम मनोहर गावस्कर था, जो खुद मुंबई में क्लब लेवल के अच्छे क्रिकेटर थे। उनकी मां का नाम मीनल गावस्कर था। सुनील गावस्कर के अंदर क्रिकेट की दिलचस्पी जगाने में और इस खेल की बुनियादी समझ को विकसित करने में उनके पिता की बड़ी भूमिका रही।
घरेलू क्रिकेट में किया पदार्पण
साल 1966667 में सुनील गावस्कर ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। फिर घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। जिसके बाद साल 1971 में सुनील गावस्कर को भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला। उस समय वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के पास खतरनाक तेज गेंदबाज थे। तेज बाउंसर और जानलेवा गेंदबाजी बड़ी चुनौती होती थी। लेकिन सुनील गावस्कर ने शानदार तरीके, मानसिक मजबूती और धैर्य के साथ इन चुनौतियों को अवसर में बदल लिया।
उस समय भी सुनील गावस्कर लंबे समय तक बिना हेलमेट के बल्लेबाजी करते थे। विकेट गिरने पर पारी को संभालना और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहना सुनील गावस्कर की सबसे बड़ी ताकत थी।
टेस्ट क्रिकेट
सुनील गावस्कर ने भारत के लिए 125 टेस्ट मैच खेले। उन्होंने 214 पारियों में 51.12 की औसत से 10,122 रन बनाए। गावस्कर के नाम 34 शतक और 45 अर्धशतक हैं। संन्यास के समय टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक रन और सबसे ज्यादा शतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड उनके नाम था। यह उस दौर की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
मैदान से कमेंट्री बॉक्स तक
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी सुनील गावस्कर खेल से जुड़े रहे। गावस्कर दुनिया के सबसे सम्मानित क्रिकेट विश्लेषकों और कमेंटेटरों में गिने जाते हैं। गावस्कर की बेबाक राय और खेल की गहरी समझ उनको आज भी क्रिकेट की दुनिया की सबसे प्रभावशाली आवाजों में शामिल करती है।




