
अमेरिका ने एक और सैनिक की मौत के बाद ईरान पर नए हवाई हमले किए हैं। जॉर्डन की ओर दागी गई मिसाइल से क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जबकि कुवैत ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया…
अमेरिका ने अपने एक और सैनिक की मौत की पुष्टि होने के बाद सोमवार को ईरान पर नए हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने के लिए की गई है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है और दोनों देश पूर्ण युद्ध के करीब दिखाई दे रहे हैं। अमेरिकी सेना के अनुसार, शनिवार को इराक में ईरान की ओर से किए गए ड्रोन हमले में एक अमेरिकी सैनिक मारा गया। इससे पहले जॉर्डन में हुए हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत, एक सैनिक के लापता होने और चार के घायल होने की पुष्टि की जा चुकी थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “हमने आज रात उन पर फिर बेहद जोरदार हमला किया है। हमने यह कार्रवाई अपने सैनिकों की मौत का बदला लेने के लिए की है।”
अमेरिकी सेना के मुताबिक, मौजूदा संघर्ष में अब तक 17 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं।अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि जॉर्डन में हुए हमले के जवाब में ईरान के अर्धसैनिक बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को निशाना बनाया गया। हमलों का उद्देश्य उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना बताया गया, जिनका इस्तेमाल क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और जहाजों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। ईरान की ओर से जॉर्डन की दिशा में दागी गई मिसाइल के बाद यह आशंका बढ़ गई है कि संघर्ष पड़ोसी देशों तक फैल सकता है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यदि मिसाइल हमले बढ़ते हैं तो इजराइलभी सीधे इस संघर्ष में शामिल हो सकता है।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही काफी हद तक प्रभावित हुई है। यह मार्ग दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने सोमवार तड़के ओमान के तट के पास एक जहाज में आग लगने की सूचना दी। हालांकि आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका।
कुवैत ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों को निष्क्रिय करने के लिए सक्रिय कर दी गई है। हाल के दिनों में ईरान ने कुवैत के बिजली संयंत्रों और समुद्री जल विलवणीकरण संयंत्रों को भी निशाना बनाया है। कुवैत अपनी लगभग 90 प्रतिशत पेयजल जरूरत समुद्री जल को शुद्ध करने वाले इन्हीं संयंत्रों से पूरी करता है, इसलिए इन पर हमले को गंभीर सुरक्षा चुनौती माना जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच पिछले नौ दिनों से लगातार सैन्य कार्रवाई जारी है। युद्धविराम समझौता टूटने के बाद दोनों पक्ष एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों, ड्रोन नेटवर्क और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं।



