
नई दिल्लीः सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक ने चालू वित्त वर्ष में करीब 11,000 से 12,000 कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही बैंक देशभर में अपने शाखा नेटवर्क का विस्तार करते हुए 200 से 250 नई शाखाएं खोलने की तैयारी में है। SBI के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने पीटीआईभाषा के साथ बातचीत में यह जानकारी दी।
शेट्टी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में बैंक लिपिक और अधिकारी स्तर पर करीब 11,000 से 12,000 नियुक्तियां करेगा। सेवानिवृत्ति और बैंक की उभरती जरूरतों के आधार पर भर्ती की संख्या में कुछ बदलाव संभव है। हालांकि, वित्त वर्ष के अंत तक करीब 12,000 लोगों की भर्ती होने की उम्मीद है।
पिछले वित्त वर्ष में हुई थीं 25,633 नियुक्तियां
SBI चेयरमैन के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में बैंक ने बड़े स्तर पर कर्मचारियों की भर्ती की थी। इसमें 1,500 विशेषज्ञ आईटी अधिकारियों की नियुक्ति भी शामिल थी। इस साल आईटी क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में भर्तियों की आवश्यकता नहीं है।
मार्च 2026 तक SBI में कर्मचारियों की संख्या 2.45 लाख से अधिक थी। बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 202526 में SBI ने कुल 25,633 कर्मचारियों की नियुक्ति की थी।
250 नई शाखाएं खोलने की तैयारी
शेट्टी ने कहा कि SBI का शाखा नेटवर्क पहले से काफी बड़ा है, लेकिन देश के कई हिस्सों में अभी भी विस्तार की गुंजाइश मौजूद है। नई कॉलोनियों के विकसित होने के साथसाथ व्यावसायिक रूप से सक्रिय जिलों में बैंक अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है।
बैंक कुछ शाखाओं का युक्तिकरण भी कर रहा है। इसके बावजूद हर साल शाखाओं की संख्या में करीब 200 से 250 की शुद्ध बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
NSE में करीब एक फीसदी हिस्सेदारी बेच सकता है SBI
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में प्रस्तावित हिस्सेदारी विनिवेश को लेकर भी SBI चेयरमैन ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि SBI और उसकी अनुषंगी SBI कैपिटल मार्केट्स मिलकर NSE में अपनी करीब एक फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं।
इसमें SBI की करीब 0.65 फीसदी और SBI कैपिटल मार्केट्स की करीब 0.35 फीसदी हिस्सेदारी शामिल हो सकती है। हालांकि, यदि NSE के अन्य शेयरधारक भी अपनी हिस्सेदारी बेचते हैं तो SBI समूह का विनिवेश एक फीसदी से कम रह सकता है।
फिलहाल NSE में SBI की हिस्सेदारी 3.23 फीसदी और SBI कैपिटल मार्केट्स की हिस्सेदारी 4.33 फीसदी है।
NSE का 30 हजार करोड़ रुपये का IPO सुर्खियों में
NSE को पिछले सप्ताह 30,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के लिए नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है। यह IPO देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।
इससे पहले 2024 में हुंदै मोटर इंडिया का 27,858.75 करोड़ रुपये का IPO सबसे बड़ा था। इसके अलावा LIC ने 2022 में 20,557.23 करोड़ रुपये, पेटीएम ने 2021 में 18,300 करोड़ रुपये, टाटा कैपिटल ने 2025 में 15,511.87 करोड़ रुपये और कोल इंडिया ने 2010 में 15,200 करोड़ रुपये का IPO पेश किया था।
अन्य अनुषंगी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने की योजना नहीं
सी.एस. शेट्टी ने स्पष्ट किया कि निकट भविष्य में बैंक की अन्य अनुषंगी कंपनियों में हिस्सेदारी के मौद्रीकरण की कोई योजना नहीं है।
इससे पहले जुलाई में SBI और उसके विदेशी साझेदार अमुंडी ने SBI म्यूचुअल फंड में करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी का विनिवेश किया था। करीब 11,675 करोड़ रुपये के इस निर्गम को 41.66 गुना अभिदान मिला था।
सूचीबद्ध होने के बाद SBI म्यूचुअल फंड में SBI की हिस्सेदारी 61.86 फीसदी से घटकर 55.56 फीसदी रह गई है। वहीं अमुंडी की हिस्सेदारी 3.7 फीसदी घटकर 32.63 फीसदी रह गई है।
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