
बरेली में पुलिस ने एक ऐसे लुटेरे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसने लोगों का भरोसा जीतने के लिए अपनी ही पत्नियों को हथियार बना लिया। यह गिरोह खासतौर पर बैंक से पेंशन या वेतन निकालकर बाहर आने वाले बुजुर्गों और सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाता था। महिलाओं की मौजूदगी देखकर लोग उन्हें सामान्य सवारी समझ लेते थे, लेकिन कुछ ही देर बाद वे लूट का शिकार बन जाते थे।
बैंक के बाहर शुरू होता था पूरा खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सदस्य उस्मान अली पहले बैंक के अंदर जाकर ऐसे लोगों की पहचान करता था, जिन्होंने अभी-अभी बड़ी रकम निकाली हो। जैसे ही कोई व्यक्ति बैंक से बाहर निकलता, उसका इशारा मिलते ही गैंग के बाकी सदस्य सक्रिय हो जाते।
बैंक के बाहर दो अलग-अलग ऑटो पहले से खड़े रहते थे। इनमें आदिल और असगर अपने-अपने ऑटो लेकर मौजूद रहते, जबकि उनकी पत्नियां शबा और नूरी अच्छे कपड़े पहनकर और मेकअप करके सामान्य सवारी बनकर बैठी रहती थीं। महिलाओं को देखकर लोगों का शक लगभग खत्म हो जाता और वे आसानी से ऑटो में बैठ जाते।
कुछ दूरी पर पहुंचते ही बदल जाता था पूरा मंजर
पीड़ित को बैठाने के बाद ऑटो शहर से कुछ दूर ले जाया जाता। रास्ते में ऑटो खराब होने का बहाना बनाया जाता और फिर गैंग के सदस्य मिलकर यात्री से नकदी और कीमती सामान लूट लेते। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो जाते थे।
महिलाएं निभाती थीं सबसे अहम भूमिका
पुलिस के अनुसार, इस गैंग में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। वे सिर्फ ऑटो में बैठकर भरोसा नहीं दिलाती थीं, बल्कि बैंक के बाहर रेकी करने और संभावित शिकार पर नजर रखने का भी काम करती थीं। गिरोह के सदस्यों के बीच बातचीत के लिए अलग-अलग कोड वर्ड भी तय थे, ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस ने ऐसे किया खुलासा
लगातार बढ़ रही लूट की घटनाओं के बाद बरेली पुलिस और एसओजी ने संयुक्त जांच शुरू की। जांच के दौरान पांच आरोपियों—आदिल, शबा, असगर, नूरी और उस्मान अली—को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 93 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने अब तक आठ लूट की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस का कहना है कि उनसे पूछताछ जारी है और अन्य मामलों में भी अहम खुलासे होने की संभावना है।
पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक से बड़ी रकम निकालने के बाद किसी अनजान वाहन में बैठने से बचें। यदि संभव हो तो विश्वसनीय व्यक्ति के साथ जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें



