
लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने जांच के दौरान एक और गिरफ्तारी की है। इस बार पुलिस ने उस होटल के मालिक को गिरफ्तार किया है, जिस पर बिना वैध पहचान पत्र के आरोपियों को कमरा उपलब्ध कराने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत 24 जुलाई को हुई, जब एक शिकायतकर्ता ने अपनी 16 वर्षीय नाबालिग ननद के लापता होने की सूचना दी थी। जांच में आरोप सामने आया कि कुछ लोगों ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ रखा और बाद में उसे पीजीआई क्षेत्र स्थित एक होटल में ले जाया गया। शिकायत के आधार पर मोहनलालगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में नामजद पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इसके बाद विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई।
जांच में पुलिस के सामने यह बात आई कि होटल संचालक दीपक गुप्ता ने कथित तौर पर बिना वैध पहचान पत्र के कमरा उपलब्ध कराया था। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी होटल मालिक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि संबंधित लोग उसके होटल में ठहरे थे। हालांकि, मामले में उसकी भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
एसीपी मोहनलालगंज राजेश कुमार सिंह ने कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने होटल और गेस्ट हाउस संचालकों को नियमों का पालन करने की हिदायत देते हुए कहा कि बिना वैध पहचान पत्र किसी भी व्यक्ति को कमरा उपलब्ध न कराया जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


