अयोध्या के हनुमानगढ़ी में हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत में आयोजित कथित मछली भोज को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सावन महीने में कांग्रेस के कार्यक्रम में मछली भोज कराए जाने को लेकर बीजेपी और हिंदू संगठनों की ओर से सनातन परंपराओं के अपमान के आरोप लगाए जा रहे हैं.

यूपी भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक्स पर मछली भोज का वीडियो अपलोड किया और स्वागत समारोह के दौरान आयोजित कथित मछली भोज को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने श्रावण मास में रामनगरी अयोध्या में ऐसे आयोजन को सनातन आस्था और धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया.
ने लिखा, सनातन का अपमान ही अब कांग्रेस की पहचान बन चुका है. पवित्र श्रावण मास में हमारे आराध्य प्रभु श्री राम की पावन नगरी अयोध्या धाम में कांग्रेस अध्यक्ष के स्वागत समारोह में कांग्रेस नेताओं द्वारा ‘मछली भोज’ का आयोजन करना अत्यंत निंदनीय और अक्षम्य है.
सनातन का अपमान कांग्रेस की पहचान… भाजपा का हमला
उन्होंने लिखा, कांग्रेस पार्टी का इतिहास गवाह है कि इन्होंने हमेशा हिंदू समाज की धार्मिक मान्यताओं, सांस्कृतिक मूल्यों और करोड़ों सनातनियों की आस्था पर कुठाराघात किया है. पवित्र पावन माह में धर्मनगरी की मर्यादा को तारतार करके कांग्रेस ने सिद्ध कर दिया है कि उसे न तो रामनगरी की पवित्रता की परवाह है और न ही कांवड़ियों व संत समाज की भावनाओं की.
सनातन का अपमान ही अब कांग्रेस की पहचान बन चुका है…
पवित्र श्रावण मास में हमारे आराध्य प्रभु श्री राम की पावन नगरी अयोध्या धाम में कांग्रेस अध्यक्ष के स्वागत समारोह में कांग्रेस नेताओं द्वारा ‘मछली भोज’ का आयोजन करना अत्यंत निंदनीय और अक्षम्य है।
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— Pankaj Chaudhary August 23, 2026
उन्होंने लिखा, अयोध्या के पूज्य संतों और जनजन में इस कुकृत्य को लेकर भारी आक्रोश है. वोट बैंक और घटिया राजनीति के लिए बारबार सनातन धर्म का अपमान करना कांग्रेस की नीयत बन चुकी है. इस अमर्यादित कृत्य के लिए कांग्रेस पार्टी को संत समाज और देशवासियों से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए.
मछली भोज पर गरमाई सियासत
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के कार्यक्रम का आयोजन तारुन क्षेत्र के अर्पित लॉन में किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों के लिए मछली पकाई जा रही है. कार्यक्रम में करीब 2 कुंटल से अधिक मछली बनाए जाने की सूचना है. हालांकि, कांग्रेस की ओर से इसे कार्यकर्ताओं और कार्यक्रम में शामिल लोगों के लिए आयोजित भोज बताया जा रहा है.
मछली भोज की तस्वीरें और जानकारी सामने आने के बाद इसको लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. विरोध करने वालों का आरोप है कि सावन जैसे पवित्र महीने में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से मछली भोज कराना धार्मिक भावनाओं और सनातन परंपराओं का अपमान है.
हालांकि, कार्यक्रम में मछली परोसे जाने को लेकर कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे में अब इस मुद्दे ने अयोध्या की राजनीति में भी नई बहस छेड़ दी है.



