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IND vs SL: हारा हुआ मैच ड्रा कराने के बाद श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बताया क्यों टीम इंडिया के हाथ से निकला मैच

Dhananjaya de Silva: भारत के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में श्रीलंका को 10 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम के लिए इस दौरे में कई सकारात्मक पहलू भी सामने आए। सीरीज के बाद श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने टीम के प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने खास तौर पर युवा खिलाड़ियों को मिले मौके को महत्वपूर्ण बताया।

श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने सीरीज हार के बाद कही ये बात

धनंजय डी सिल्वा ने कहा कि

“सीरीज का सबसे बड़ा सकारात्मक पक्ष भविष्य के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की तलाश करना रहा। उनके मुताबिक श्रीलंकाई क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर देना जरूरी है।”

उन्होंने कहा कि

“चयनकर्ताओं और कोच ने युवाओं पर भरोसा दिखाया और उन्हें खुलकर अपना खेल खेलने की आजादी दी।”

उन्होंने आगे कहा कि

“युवा खिलाड़ियों को देश के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने का मौका मिलना श्रीलंका क्रिकेट के भविष्य के लिए अच्छी खबर है। इस तरह के अनुभव से आने वाले समय में टीम के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का मजबूत पूल तैयार हो सकता है।”

सीनियर खिलाड़ियों की वापसी बनी अच्छी परेशानी‘: Dhananjaya de Silva

कप्तान ने चोट से वापसी करने वाले सीनियर खिलाड़ियों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि

“टीम में लगातार खेल रहे तीन खिलाड़ियों की वापसी एक तरह की अच्छी परेशानी है। जब अनुभवी खिलाड़ी दोबारा टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे तो इससे टीम को ही फायदा होगा।”

उन्होंने संकेत दिया कि

“युवा खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद अनुभवी क्रिकेटरों की वापसी से टीम में चयन को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। उनके मुताबिक ऐसी स्थिति टीम के लिए सकारात्मक है।”

Dhananjaya de Silva ने बताया गॉल टेस्ट में क्या बदलना चाहते

जब उनसे पूछा गया कि अगर उन्हें सीरीज में एक चीज बदलने का मौका मिले तो वह क्या होती, तो उन्होंने गॉल टेस्ट की दूसरी पारी का जिक्र किया। उन्होंने माना कि उस पारी में वह थोड़ा और समय क्रीज पर बिता सकते थे।

उनके अनुसार, वहीं से भारत ने मुकाबले में वापसी की और अंततः सीरीज जीतने की स्थिति बनाई। कप्तान का मानना है कि उस समय अगर बल्लेबाजी थोड़ी लंबी चलती तो मैच का नतीजा अलग हो सकता था।

श्रीलंका भले ही सीरीज 10 से हार गया, लेकिन युवा प्रतिभाओं का प्रदर्शन और सीनियर खिलाड़ियों की वापसी टीम के भविष्य के लिए उम्मीद की किरण जरूर बनी है।

 

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