
दिल की सेहत को लेकर अक्सर लोग तब गंभीर होते हैं, जब कोई परेशानी सामने आने लगती है। लेकिन हकीकत यह है कि हार्ट को नुकसान पहुंचाने वाली कई आदतें धीरे-धीरे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं। खान-पान के साथ-साथ स्मोकिंग, नींद की कमी, शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करना और अपनी मेडिकल हिस्ट्री से अनजान रहना भी हृदय स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।
कार्डियोलॉजिस्ट्स के मुताबिक लाइफस्टाइल में समय रहते छोटे-छोटे बदलाव करके हृदय रोगों से जुड़े कई जोखिमों को कम किया जा सकता है। बोर्ड-सर्टिफाइड कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. निकोल हार्किन ने भी दिल को स्वस्थ रखने के लिए कुछ ऐसी आदतों से बचने की सलाह दी है, जिन्हें लोग अक्सर सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
आइए जानते हैं वे कौन-सी 5 आदतें हैं, जिन पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है।
1. स्मोकिंग और वेपिंग को बिल्कुल हल्के में न लें
सिगरेट पीना दिल और रक्त वाहिकाओं के लिए गंभीर नुकसान पहुंचाने वाली आदतों में शामिल है। सिगरेट के धुएं में मौजूद कई हानिकारक पदार्थ रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकते हैं और धमनियों में प्लाक जमा होने की प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकते हैं।
निकोटीन ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को बढ़ा सकता है। इसके कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ सकती हैं और खून के थक्के बनने का जोखिम भी बढ़ सकता है। लंबे समय तक स्मोकिंग करने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसे गंभीर जोखिम बढ़ सकते हैं।
वेपिंग को भी पूरी तरह सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। ई-सिगरेट के एरोसोल में निकोटीन के अलावा कई अन्य रसायन हो सकते हैं, जो शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए दिल की सेहत के लिए सबसे बेहतर विकल्प स्मोकिंग और निकोटीन वाले वेपिंग प्रोडक्ट्स से दूरी बनाना है।
2. प्रोसेस्ड मीट का ज्यादा सेवन न करें
बेकन, सॉसेज, सलामी और हॉट डॉग जैसे प्रोसेस्ड मीट कई लोगों की डाइट का हिस्सा होते हैं। हालांकि, इनका ज्यादा सेवन दिल की सेहत के लिए चिंता का कारण बन सकता है।
ऐसे खाद्य पदार्थों में अक्सर सोडियम और सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा हो सकती है। इनका अधिक सेवन हाई ब्लड प्रेशर और खराब कोलेस्ट्रॉल जैसे जोखिम कारकों को बढ़ा सकता है।
हार्ट हेल्दी डाइट में सब्जियों, फलों, साबुत अनाज, दालों, नट्स और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है। प्रोसेस्ड मीट को रोजाना की डाइट का जरूरी हिस्सा बनाने से बचना चाहिए।
3. सीने में दर्द या दबाव को नजरअंदाज न करें
कई लोग सीने में होने वाली तकलीफ को गैस, एसिडिटी या थकान समझकर टाल देते हैं। यही गलती कभी-कभी भारी पड़ सकती है।
सीने में दबाव, जकड़न, दर्द या असहजता हृदय से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकती है। जरूरी नहीं कि परेशानी सिर्फ सीने में ही महसूस हो। कुछ मामलों में दर्द या असहजता कंधे, हाथ, गर्दन, पीठ, जबड़े या ऊपरी पेट तक भी महसूस हो सकती है।
इसके साथ सांस फूलना, असामान्य कमजोरी, चक्कर या अचानक पसीना आने जैसी समस्या भी हो सकती है।
अगर सीने में अचानक तेज दर्द या दबाव महसूस हो, खासकर इसके साथ सांस फूलना या अन्य गंभीर लक्षण हों, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत मेडिकल मदद लेना जरूरी है।
4. परिवार में हार्ट डिजीज की हिस्ट्री है तो सतर्क रहें
अगर आपके परिवार में कम उम्र में किसी करीबी रिश्तेदार को हार्ट डिजीज या स्ट्रोक हुआ है, तो इस जानकारी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
परिवार में हृदय रोग का इतिहास होने से किसी व्यक्ति में जोखिम बढ़ सकता है। इसका संबंध केवल खान-पान या लाइफस्टाइल से नहीं बल्कि जेनेटिक कारणों से भी हो सकता है।
हालांकि, फैमिली हिस्ट्री होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को भविष्य में हार्ट अटैक जरूर होगा। लेकिन यह एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत जरूर है।
ऐसे लोगों को अपने परिवार की मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी रखनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर जैसे जरूरी हेल्थ पैरामीटर्स की निगरानी करनी चाहिए।
5. नींद की कमी को सामान्य आदत न बनाएं
अच्छी नींद शरीर की रिकवरी के लिए जरूरी है और इसका संबंध दिल की सेहत से भी है। लगातार कम नींद लेना या लंबे समय तक खराब गुणवत्ता वाली नींद लेना शरीर के लिए कई तरह की परेशानियां पैदा कर सकता है।
खराब नींद का संबंध हाई ब्लड प्रेशर, वजन बढ़ने, खराब मेटाबॉलिक हेल्थ और शरीर में सूजन जैसे जोखिम कारकों से देखा गया है। ये सभी कारक लंबे समय में हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
अधिकांश वयस्कों के लिए नियमित रूप से करीब 7 से 9 घंटे की नींद का लक्ष्य रखना उपयोगी माना जाता है। इसके लिए सोने और जागने का समय नियमित रखने, रात में स्क्रीन टाइम कम करने और आरामदायक नींद का वातावरण बनाने पर ध्यान दिया जा सकता है।
सिर्फ एक्सरसाइज करना ही काफी नहीं
दिल को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ जिम जाना या एक्सरसाइज करना पर्याप्त नहीं है। आपकी रोजाना की पूरी लाइफस्टाइल इसमें भूमिका निभाती है।
स्मोकिंग से दूरी, संतुलित डाइट, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और तनाव को मैनेज करना हार्ट हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही अपने ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर जैसे जोखिम कारकों की जानकारी रखना भी जरूरी है।
अगर परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास है या पहले से कोई जोखिम कारक मौजूद है, तो नियमित हेल्थ चेकअप को टालना नहीं चाहिए।
दिल के इन संकेतों को कभी नजरअंदाज न करें
अगर सीने में दर्द, दबाव या जकड़न अचानक शुरू हो, दर्द हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक जाए, सांस लेने में परेशानी हो, अचानक चक्कर आए या असामान्य कमजोरी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
दिल की बीमारी से बचाव के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न किया जाए और जोखिम बढ़ाने वाली आदतों को समय रहते बदला जाए।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य एवं जागरूकता के उद्देश्य से है। इसे डॉक्टर की सलाह या किसी बीमारी के इलाज का विकल्प न मानें। सीने में दर्द, दबाव, सांस फूलना, चक्कर या अत्यधिक कमजोरी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और तुरंत योग्य चिकित्सकीय सहायता लें।


