
चंडीगढ़ के चर्चित चिन्नी कुबाहेड़ी हत्याकांड में पुलिस की चार्जशीट से कई अहम खुलासे सामने आए हैं। जांच के मुताबिक, प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी की हत्या के बाद आरोपी हर्षप्रीत सिंह उर्फ हर्ष सोहाना ने अमरीन कौर को स्नैपचैट पर एक मैसेज भेजा था। इस मैसेज में कथित तौर पर लिखा था- ‘बहन, चिन्नी का काम तमाम हो गया।’ पुलिस के अनुसार, यह मैसेज हत्या की साजिश से जुड़े अहम सबूतों में शामिल है।
दिनदहाड़े हुई थी चिन्नी की हत्या
मामला 18 मार्च का है। सेक्टर-9 की पार्किंग में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी कुबाहेड़ी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो हत्या के पीछे कथित साजिश और सुपारी किलिंग का एंगल सामने आया।
चार्जशीट के मुताबिक, पुलिस को जांच के दौरान हर्ष और अमरीन के बीच हुई बातचीत के बारे में भी जानकारी मिली। आरोप है कि हत्या के कुछ समय बाद हर्ष ने अमरीन को स्नैपचैट पर मैसेज करके वारदात की जानकारी दी थी।
प्रॉपर्टी विवाद से शुरू हुई दुश्मनी?
पुलिस की जांच में चिन्नी और अमरीन के बीच प्रॉपर्टी को लेकर विवाद की बात सामने आई है। बताया गया है कि अमरीन ने चिन्नी से एक प्रॉपर्टी खरीदी थी, लेकिन उसे कथित तौर पर कब्जा नहीं मिला। अमरीन को लगा कि इस सौदे में उसके साथ धोखा हुआ है और उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
इसी विवाद के चलते दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया। पुलिस का आरोप है कि बाद में यह विवाद चिन्नी को रास्ते से हटाने की कथित साजिश तक पहुंच गया।
हर्ष ने करवाई थी गैंगस्टर से बातचीत
चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया है कि अमरीन की मुलाकात हर्ष के जरिए विदेश में बैठे गैंगस्टर लक्की पटियाल से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, चिन्नी की हत्या के लिए कथित तौर पर लक्की पटियाल के नेटवर्क से संपर्क किया गया था।
जांच एजेंसी के अनुसार, अमरीन ने पुलिस पूछताछ में लक्की पटियाल से बातचीत होने की बात स्वीकार की थी। वहीं, हर्ष को भी इस बातचीत की जानकारी होने का आरोप है।
50 लाख की सुपारी का भी जिक्र
इस मामले की जांच में चिन्नी की हत्या के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये की सुपारी दिए जाने की बात भी सामने आई थी। पुलिस ने दावा किया कि हत्या की साजिश में कई लोग अलग-अलग स्तर पर जुड़े हुए थे।
हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों और पुलिस के दावों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
दो शूटरों ने दिया था वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, 18 मार्च को दो शूटरों ने चिन्नी पर हमला किया था। वारदात के अगले दिन पंजाब पुलिस ने राजन उर्फ पीयूष पहलवान और प्रीतम शाह को गिरफ्तार किया।
इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने दोनों से पूछताछ की और कथित तौर पर हत्या की साजिश में मदद करने वाले अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की। जांच के दौरान जानू मलिक, कमलप्रीत उर्फ कमू, राहुल शर्मा और विक्की समेत कई नाम सामने आए।
फोन कॉल और मैसेज भी बने अहम सबूत
हर्ष सोहाना की जमानत याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान चिन्नी के परिवार की ओर से अदालत में कई महत्वपूर्ण दावे किए गए। परिवार की वकील दीपा दुबे ने आरोप लगाया कि चिन्नी को रास्ते से हटाने के लिए अमरीन ने हर्ष से संपर्क किया था।
अदालत को यह भी बताया गया कि दोनों के बीच कई फोन कॉल और मैसेज हुए थे, जिनका रिकॉर्ड पुलिस के पास मौजूद है। इन्हीं तथ्यों और जांच में सामने आए अन्य सबूतों को देखते हुए अदालत ने हर्ष सोहाना की जमानत याचिका खारिज कर दी।
एक मैसेज ने बढ़ाई साजिश की कड़ी
चिन्नी की हत्या के बाद भेजा गया कथित स्नैपचैट मैसेज इस मामले में इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पुलिस के अनुसार इसमें हत्या के बाद की जानकारी सीधे अमरीन तक पहुंचाई गई थी।
अब चार्जशीट में सामने आए इस कथित मैसेज ने चंडीगढ़ के इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की कहानी में प्रॉपर्टी विवाद, कथित सुपारी, गैंगस्टर कनेक्शन, शूटरों और डिजिटल मैसेजिंग की कड़ियां एक-दूसरे से जुड़ती दिखाई गई हैं।
नोट: मामले में लगाए गए आरोप पुलिस की चार्जशीट और अदालत में रखे गए पक्ष पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।



