
हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हत्या के आरोपियों की तलाश में अब मेरठ जोन के सात जिलों की स्पेशल टीमें जुट गई हैं। इसके अलावा शामली पुलिस की अलग-अलग टीमें और यूपी एसटीएफ की तीन टीमें भी जांच में लगाई गई हैं। पुलिस ने हरियाणा के हिसार, रोहतक समेत कई जिलों में दबिश तेज कर दी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने वाले चार शूटरों में दो रोहतक और दो हिसार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस अभी आरोपियों की गिरफ्तारी और उनकी भूमिका की पुष्टि के लिए लगातार सुराग जुटा रही है।
सात जिलों की स्पेशल टीमें जांच में जुटीं
अंकित बालियान की हत्या के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने जांच की कमान डीआईजी सहारनपुर रेंज अभिषेक सिंह को सौंपी है। उनके नेतृत्व में मेरठ जोन के सभी सात जिलों की स्पेशल टीमों को हत्याकांड के खुलासे में लगाया गया है।
शामली में एसपी के नेतृत्व में पांच टीमें पहले से ही काम कर रही हैं। वहीं लखनऊ से यूपी एसटीएफ की तीन टीमें भी आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस महानिदेशक और एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश भी मामले की जांच की प्रगति पर नजर रख रहे हैं।
हरियाणा में आठ टीमें कर रही हैं दबिश
एडीजी मेरठ जोन के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अकेले हरियाणा में आठ पुलिस टीमों को भेजा गया है। हिसार और रोहतक के अलावा दूसरे जिलों में भी संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
शामली पुलिस की चार टीमें रोहतक और हिसार में दबिश दे रही हैं, जबकि एक टीम करनाल में डेरा डाले हुए है। पुलिस ने चंडीगढ़ और सोनीपत से भी अपराधियों से जुड़ा डेटा जुटाया है।
पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद आरोपी अलग-अलग जगहों पर छिपे हो सकते हैं। ऐसे में उनके संभावित ठिकानों और संपर्कों को खंगाला जा रहा है।
चार शूटरों पर पुलिस का शक
जांच में पुलिस को अब तक जो सुराग मिले हैं, उनके आधार पर चार शूटरों की भूमिका सामने आ रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इनमें दो आरोपी रोहतक और दो हिसार के रहने वाले होने की जानकारी मिली है।
पुलिस इन संदिग्धों के आपराधिक रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, संपर्कों और घटना के समय उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के पीछे की पूरी साजिश और मकसद स्पष्ट होने की उम्मीद है।
CCTV में दिखा पांचवां संदिग्ध
जांच के दौरान पुलिस को एक और अहम सुराग मिला है। CCTV फुटेज में एक पांचवां संदिग्ध दिखाई दिया है, जिसने जांचकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
बताया जा रहा है कि यह युवक चप्पल पहनकर जिम से करीब 200 मीटर के दायरे में लगभग दो घंटे तक मौजूद रहा। इस दौरान वह लगातार मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार, फुटेज में वह कथित तौर पर शूटरों से बातचीत करता हुआ भी नजर आया है।
अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि यह पांचवां व्यक्ति कौन है और वह घटनास्थल के आसपास इतनी देर तक क्यों मौजूद था। पुलिस उसके मोबाइल नंबर और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
एडीजी ने तीन दिनों की जांच रिपोर्ट मांगी
शुक्रवार को एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर शामली पुलिस कार्यालय पहुंचे। उन्होंने डीआईजी सहारनपुर रेंज अभिषेक सिंह और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर हत्याकांड की जांच की समीक्षा की।
एडीजी ने पिछले तीन दिनों में हुई जांच की बिंदुवार रिपोर्ट मांगी। उन्होंने अधिकारियों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले का खुलासा करने के लिए सभी संभावित एंगल पर काम करने के निर्देश दिए।
एडीजी ने कहा कि पुलिस की टीमें लगातार हरियाणा में दबिश दे रही हैं और जल्द ही हत्याकांड का राजफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
हत्या के बाद सोशल मीडिया पोस्ट ने भी बढ़ाई चिंता
अंकित बालियान की हत्या के बाद कथित तौर पर सोशल मीडिया पर सामने आई कुछ पोस्ट को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। इस वजह से पुलिस गैंगस्टर और आपराधिक नेटवर्क के संभावित कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या हत्या के पीछे किसी संगठित आपराधिक गिरोह की भूमिका थी या फिर मामला किसी पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ है।
जिला पंचायत चुनाव की तैयारी भी जांच के घेरे में
अंकित बालियान के जिला पंचायत चुनाव की तैयारी करने की बात भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस राजनीतिक और व्यक्तिगत रंजिश के एंगल को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है।
जांच अधिकारी अंकित के पुराने विवादों, संपर्कों और हाल के दिनों में हुई गतिविधियों की जानकारी जुटा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या से पहले किसी तरह की धमकी या विवाद हुआ था या नहीं।
परिवार से मिले इकरा हसन और नाहिद हसन
अंकित बालियान की हत्या के बाद उनके परिवार में मातम का माहौल है। शुक्रवार को कई राजनीतिक दलों के नेता परिवार से मिलने पहुंचे।
कैराना सांसद इकरा हसन और विधायक नाहिद हसन ने अंकित के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान इकरा हसन ने फोन पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से अंकित के पिता सत्यवीर सिंह फौजी की बातचीत भी कराई।
अखिलेश यादव ने परिवार के प्रति संवेदना जताई और इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहने की बात कही।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी अंकित के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की बात कही।
इमरान मसूद ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों में कानून का डर खत्म होता जा रहा है।
इमरान मसूद ने कहा कि हत्या के बाद कथित तौर पर सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर वारदात की जिम्मेदारी लेने जैसी घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली हैं। उन्होंने गानों और सोशल मीडिया में बढ़ते गन कल्चर और गैंगस्टर कल्चर पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि समाज में नफरत और हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए और लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
गठबंधन पर भी बोले इमरान मसूद
इमरान मसूद ने राजनीतिक गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने राजनीतिक अस्तित्व से समझौता नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश में लगातार संघर्ष कर रही है और राहुल गांधी इस दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपनी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं और कांग्रेस की पहचान को बनाए रखना जरूरी है।
सीटों की संख्या को लेकर उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। उन्होंने कांग्रेस को गठबंधन की महत्वपूर्ण धुरी बताते हुए कहा कि पार्टी अपने अस्तित्व से समझौता नहीं करेगी।
अब किसका इंतजार?
अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल चार संदिग्ध शूटरों तक पहुंचने का है। इसके साथ ही CCTV में दिखाई दिए पांचवें संदिग्ध की पहचान भी जांच में अहम कड़ी बन गई है।
हरियाणा में लगातार दबिश, CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और संदिग्धों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच के जरिए पुलिस हत्या की पूरी साजिश तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड के पीछे का मकसद और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो जाएगी।



