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कब्ज की अनदेखी पड़ सकती है भारी! आंतों में सूखा मल जमा होने पर शरीर देता है ये 10 संकेत, जानिए 4 आसान उपाय.​​​​​​

कब्ज को अक्सर लोग छोटी और सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर कई दिनों तक मल त्याग ठीक से न हो, मल बहुत कठोर हो जाए या पेट लगातार भारी और फूला हुआ महसूस हो, तो इसे सिर्फ सामान्य गैस समझना सही नहीं है। कम पानी पीना, भोजन में फाइबर की कमी, शारीरिक गतिविधि कम होना और अनियमित दिनचर्या कब्ज की समस्या को बढ़ा सकते हैं।

लंबे समय तक रहने वाली कब्ज में मल बड़ी आंत में ज्यादा समय तक रुका रह सकता है और उसमें से पानी की मात्रा कम होने के कारण वह कठोर हो सकता है। इससे मल त्याग के दौरान ज्यादा जोर लगाना पड़ सकता है और पेट में असहजता बढ़ सकती है।

वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अखिलेश शर्मा के अनुसार, कब्ज से राहत के लिए किसी एक नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय खान-पान, पानी, शारीरिक गतिविधि और नियमित दिनचर्या पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। कुछ घरेलू उपाय भी हल्की कब्ज में मदद कर सकते हैं, लेकिन लंबे समय से समस्या होने पर डॉक्टर से कारण पता कराना जरूरी है।

कब्ज लंबे समय तक रहे तो शरीर में दिख सकते हैं ये 10 संकेत

लगातार या बार-बार कब्ज रहने पर हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण नहीं होते। हालांकि, कुछ सामान्य संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है।

1. कई दिनों तक पेट साफ न होना
मल त्याग सामान्य से कम होना या कई दिनों तक ठीक से मल न आना कब्ज का संकेत हो सकता है।

2. पेट में भारीपन
पेट साफ न होने पर लगातार भारीपन या भरा-भरा महसूस हो सकता है।

3. पेट फूलना और गैस
मल लंबे समय तक आंतों में रुके रहने से कुछ लोगों को गैस और ब्लोटिंग की शिकायत हो सकती है।

4. मल त्याग के दौरान ज्यादा जोर लगाना
कठोर मल के कारण टॉयलेट में ज्यादा स्ट्रेन करना पड़ सकता है।

5. पेट में दर्द या ऐंठन
कब्ज के साथ पेट में दर्द, मरोड़ या असहजता भी महसूस हो सकती है।

6. पेट पूरी तरह साफ न होने का एहसास
मल त्याग करने के बाद भी ऐसा लग सकता है कि पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ।

7. भूख कम लगना
लगातार पेट भरा रहने के कारण कुछ लोगों की खाने की इच्छा कम हो सकती है।

8. मतली या बेचैनी
गंभीर कब्ज में पेट संबंधी परेशानी के साथ मतली महसूस हो सकती है।

9. थकान और चिड़चिड़ापन
लगातार पाचन संबंधी परेशानी नींद, मूड और रोजमर्रा की सक्रियता को प्रभावित कर सकती है।

10. मुंह का स्वाद खराब होना
कब्ज और पाचन संबंधी परेशानी के दौरान कुछ लोगों को मुंह का स्वाद खराब या सांस में दुर्गंध महसूस हो सकती है।

1. सौंफ वाला दूध हो सकता है एक विकल्प

आयुर्वेद में सौंफ का इस्तेमाल पाचन संबंधी परेशानियों में लंबे समय से किया जाता रहा है। कुछ लोगों में सौंफ गैस और पेट की ऐंठन जैसी परेशानी कम करने में मदद कर सकती है।

इसके लिए एक गिलास दूध में करीब एक चम्मच हल्की कुटी हुई सौंफ डालकर कुछ देर उबाल सकते हैं। इसे छानकर गुनगुना सेवन किया जा सकता है।

हालांकि, दूध कुछ लोगों में कब्ज के बजाय पेट फूलने या गैस की समस्या बढ़ा सकता है। इसलिए अगर दूध आपको सूट नहीं करता तो इस उपाय को जबरदस्ती अपनाने की जरूरत नहीं है।

2. हल्दी-काली मिर्च वाला दूध

हल्दी और काली मिर्च का इस्तेमाल भारतीय खान-पान में आम है। इनके कुछ प्राकृतिक यौगिक शरीर में सूजन और पाचन से जुड़े कुछ पहलुओं पर असर डाल सकते हैं, लेकिन इन्हें कब्ज का प्रमाणित इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

अगर आप इसे लेना चाहते हैं तो दूध में थोड़ी मात्रा में हल्दी और कुटी हुई काली मिर्च डालकर गर्म कर सकते हैं। किसी भी घरेलू नुस्खे की तरह इसे भी सीमित मात्रा में ही लेना बेहतर है।

3. एलोवेरा के इस्तेमाल में बरतें सावधानी

एलोवेरा के कुछ घटक लैक्सेटिव प्रभाव पैदा कर सकते हैं और आंतों की गतिविधि बढ़ा सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि एलोवेरा हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित या कब्ज का नियमित इलाज है।

खासकर एलोवेरा के लेटेक्स या एलोइन वाले उत्पादों का ज्यादा सेवन दस्त, पेट दर्द और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए कब्ज के लिए एलोवेरा का सेवन बिना विशेषज्ञ की सलाह के लंबे समय तक करना उचित नहीं है।

गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग या पहले से किसी बीमारी की दवा लेने वाले लोग इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

4. फाइबर वाली सब्जियों को डाइट में जगह दें

कब्ज से बचने के लिए रोज के भोजन में पर्याप्त फाइबर शामिल करना सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। इसके लिए डाइट में तोरी, कद्दू, टिंडा, हरी बीन्स, पालक और दूसरी हरी सब्जियां शामिल की जा सकती हैं।

फाइबर मल में बल्क बढ़ाने और आंतों की सामान्य गतिविधि को सपोर्ट करने में मदद करता है। लेकिन फाइबर बढ़ाते समय पानी की मात्रा भी पर्याप्त रखना जरूरी है। अचानक बहुत ज्यादा फाइबर खाने से कुछ लोगों में गैस और ब्लोटिंग बढ़ सकती है।

कब्ज से राहत के लिए इन आदतों पर भी ध्यान दें

सिर्फ किसी एक फल, सब्जी या घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय रोजमर्रा की आदतों में बदलाव करना ज्यादा उपयोगी हो सकता है।

  • दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।
  • भोजन में धीरे-धीरे फाइबर बढ़ाएं।
  • रोजाना कुछ समय पैदल चलें या शारीरिक गतिविधि करें।
  • मल त्याग की इच्छा को बार-बार न रोकें।
  • खाने का समय नियमित रखने की कोशिश करें।
  • लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचें।
  • पर्याप्त नींद लें।
  • बार-बार खुद से लैक्सेटिव लेने के बजाय कब्ज के कारण को समझें।

कब कब्ज को सामान्य समस्या न समझें?

अगर कब्ज लंबे समय से बनी हुई है या घरेलू उपायों के बावजूद ठीक नहीं हो रही, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर मल में खून आना, बिना वजह वजन कम होना, लगातार या तेज पेट दर्द, उल्टी, पेट बहुत ज्यादा फूलना, बुखार या अचानक शुरू हुई कब्ज जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कुछ मामलों में कब्ज किसी दूसरी बीमारी, दवा के साइड इफेक्ट या पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकती है। इसलिए लगातार समस्या होने पर केवल घरेलू नुस्खों से इलाज करने के बजाय चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।

निष्कर्ष

कब्ज से राहत पाने का सबसे बेहतर तरीका केवल कोई एक घरेलू नुस्खा आजमाना नहीं, बल्कि पर्याप्त पानी, फाइबर युक्त संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और सही दिनचर्या को अपनाना है। हल्की और कभी-कभार होने वाली कब्ज में कुछ खाद्य पदार्थ मदद कर सकते हैं, लेकिन पुरानी या गंभीर कब्ज को नजरअंदाज करना सही नहीं है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। घरेलू नुस्खे हर व्यक्ति पर एक जैसा असर नहीं करते। लंबे समय से कब्ज, तेज पेट दर्द, उल्टी, मल में खून, अचानक वजन कम होने या अन्य गंभीर लक्षण होने पर खुद से इलाज करने के बजाय योग्य डॉक्टर से परामर्श लें।

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