
अमेरिका के न्यू मेक्सिको से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मां-बेटे के रिश्ते को लेकर लोगों को झकझोर कर रख दिया। कस्टडी विवाद के बीच एक मां ने अपने 11 महीने के मासूम बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, महिला का मानना था कि अगर बच्चा पिता के पास गया तो वह सुरक्षित नहीं रहेगा। इसी सोच के चलते उसने बच्चे को अपने साथ लेकर राज्य की सीमा पार की और आखिरकार उसकी जान ले ली।
कोर्ट ने पिता को दी थी बच्चे की कस्टडी
मामला न्यू मेक्सिको के सिल्वर सिटी का है। 36 वर्षीय मेडेलीन वेरोनिक डेली पर अपने 11 महीने के बेटे बेसिल स्टोनर का अपहरण और हत्या करने का आरोप लगा था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, बच्चे की आपातकालीन कस्टडी उसके पिता को दी गई थी।
इसके बावजूद मेडेलीन बच्चे को लेकर व्योमिंग से न्यू मेक्सिको चली गई। इस दौरान पिता अपने बेटे की तलाश करता रहा। जांचकर्ताओं के अनुसार, उसने आखिरी बार 28 सितंबर को बच्चे को देखा था।
आरवी पार्क में पुलिस ने घेरा तो चली गोली
23 दिसंबर को पुलिस को मेडेलीन के सिल्वर सिटी के पास एक आरवी पार्क में होने की जानकारी मिली। बताया गया कि महिला ने वहां नौकरी के लिए आवेदन किया था और बैकग्राउंड चेक के दौरान उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट का पता चला।
पुलिस जब उसे पकड़ने पहुंची तो वह आरवी के अंदर चली गई। अधिकारी बाहर से उसे घेरे हुए थे और अंदर जाने के लिए वारंट का इंतजार कर रहे थे। तभी अचानक अंदर से गोली चलने की आवाज आई।
पुलिस ने तुरंत आरवी में प्रवेश किया तो वहां 11 महीने का बेसिल मृत मिला। जांच के अनुसार, मेडेलीन ने 9 एमएम हैंडगन से बच्चे के चेहरे पर गोली मारी थी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मारने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे काबू कर लिया।
पुलिस से बोली- बच्चे को पिता के पास नहीं जाने देना था
गिरफ्तारी के बाद महिला ने पुलिस को जो बताया, वह इस मामले का सबसे हैरान करने वाला हिस्सा है। हलफनामे के अनुसार, मेडेलीन का कहना था कि उसे लगा कि बच्चे को पिता और उसके परिवार से दूर रखने के लिए उसकी जान लेना ही सही फैसला था।
उसने कथित तौर पर पुलिस से कहा कि वह अपने बच्चे को बार-बार नेब्रास्का और व्योमिंग के बीच ले जाकर नहीं रख सकती थी। महिला ने यह भी दावा किया कि पिता के पास जाने पर उसके बेटे को खतरा हो सकता था, हालांकि इस दावे के समर्थन में उसे कोई सबूत नहीं मिला।
कोर्ट में कबूल किया अपराध
मामले की सुनवाई के दौरान मेडेलीन डेली ने फर्स्ट-डिग्री मर्डर का अपना अपराध कबूल कर लिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस जघन्य हत्या के लिए उसे अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
कस्टडी विवाद से शुरू हुआ यह मामला आखिरकार एक मासूम बच्चे की जान जाने पर खत्म हुआ। पुलिस और अभियोजन पक्ष अब महिला के बयान, घटनाक्रम और उपलब्ध सबूतों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।



