20 की उम्र जिंदगी का ऐसा दौर होता है, जब करियर की शुरुआत के साथ कमाई भी शुरू हो जाती है. इस समय कई लोगों को पहली बार अपने पैसे को खुद संभालने का मौका मिलता है. लेकिन इसी दौर में खर्च भी तेजी से बढ़ने लगते हैं. घूमना, शॉपिंग, बाहर खाना, गैजेट्स और मनोरंजन जैसी चीजों पर पैसा खर्च होने लगता है. ऐसे में अगर कमाई और खर्च के बीच सही तालमेल नहीं रखा जाए तो भविष्य के लिए पैसा बचाना मुश्किल हो सकता है.

अच्छी बात यह है कि मजबूत भविष्य बनाने के लिए आपको कोई बड़ा फाइनेंशियल एक्सपर्ट बनने की जरूरत नहीं है. अगर 20 की उम्र से ही पैसे से जुड़े कुछ आसान नियम अपना लिए जाएं, तो आने वाले सालों में आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हो सकती है.
503020 नियम अपनाएं
पैसे को मैनेज करने का एक आसान तरीका 503020 नियम है. इसके तहत अपनी कमाई का 50 फीसदी हिस्सा जरूरी खर्चों जैसे किराया, राशन और बिल पर खर्च करें. 30 फीसदी पैसा घूमनेफिरने, शॉपिंग और मनोरंजन जैसी इच्छाओं पर लगाया जा सकता है. बाकी 20 फीसदी पैसा बचत और निवेश के लिए रखें. हालांकि, अपनी जरूरत और लक्ष्य के हिसाब से इन हिस्सों में बदलाव किया जा सकता है. सबसे जरूरी बात है कि पहले बचत करें और फिर खर्च करें.
2. 3 से 6 महीने का इमरजेंसी फंड बनाएं
अचानक नौकरी जाने, मेडिकल इमरजेंसी या घर से जुड़े बड़े खर्च की स्थिति में पैसों की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे समय में क्रेडिट कार्ड या महंगा पर्सनल लोन लेने से बचने के लिए कम से कम 3 से 6 महीने के खर्च के बराबर पैसा इमरजेंसी फंड में रखना बेहतर है. यह पैसा ऐसी जगह रखें, जहां जरूरत पड़ने पर आसानी से निकाला जा सके.
3. निवेश जितनी जल्दी शुरू करें, उतना अच्छा
निवेश शुरू करने के लिए बड़ी सैलरी का इंतजार न करें. कम रकम से भी हर महीने निवेश शुरू किया जा सकता है. जैसेजैसे कमाई बढ़े, निवेश की रकम भी बढ़ाई जा सकती है. कम उम्र में निवेश शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपके पैसे को लंबे समय तक बढ़ने का मौका मिलता है. नियमित निवेश से कंपाउंडिंग का फायदा भी मिल सकता है.
4. ज्यादा ब्याज वाले कर्ज से बचें
क्रेडिट कार्ड का बकाया और महंगे पर्सनल लोन आपकी भविष्य की बचत को नुकसान पहुंचा सकते हैं. अगर संभव हो तो क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर पूरा चुकाएं और जरूरत से ज्यादा कर्ज लेने से बचें. इससे ब्याज का बोझ कम रहेगा और आपकी कमाई का बड़ा हिस्सा भविष्य के लक्ष्यों के लिए बच सकेगा.
5. हर सैलरी को पहले से बांटकर रखें
सैलरी आते ही उसे अलगअलग हिस्सों में बांट दें. एक हिस्सा घर और रोजमर्रा के खर्च के लिए, एक बचत के लिए और एक निवेश के लिए रखें. आप ‘पहले खुद को भुगतान’ वाला तरीका भी अपना सकते हैं. यानी सैलरी आते ही बचत और निवेश की रकम अलग कर दें और बाकी पैसे खर्च के लिए इस्तेमाल करें.
अगर 20 की उम्र से ही इन आदतों को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया जाए, तो छोटीछोटी बचत आगे चलकर बड़ा फाइनेंशियल सुरक्षा कवच तैयार कर सकती है. सबसे जरूरी बात यह है कि कमाई बढ़ने का इंतजार करने के बजाय कमाई शुरू होते ही पैसे को सही तरीके से मैनेज करना शुरू करें.



