
भगवान श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाने के लिए देशभर में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 4 सितंबर को मनाया जा रहा है। जिसमें कुछ ही दिन बचे हुए हैं। ऐसे में घरों में पहले से मंदिर की साफ-सफाई और सजावट की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। भगवान श्री कृष्ण का झूला, मुकुट, कपड़े, ज्वेलरी, बांसुरी और उनसे जुड़ी सभी चीजों को खरीदा जाता है। मंदिर में उनकी मूर्ति रखी जाती है और रात को पूजा करके उनके जन्म का जश्न मनाया जाता है। इस दौरान मंदिर को भी खूबसूरत तरीके से सजाया जाता है। इसके लिए फूल, पर्दे, मटकी और अन्य चीजों से डेकोरेशन किया जाता है।
अगर आप इस बार जन्माष्टमी की तैयारियों में कुछ अलग करना चाहते हैं, तो मंदिर की सजावट को खास बना सकते हैं। इसके लिए थीम बेस्ड डेकोरेशन की जा सकती है। आइए जानते हैं मंदिर को जन्माष्टमी के दौरान किन-किन तरीकों से सजाया जा सकता है।
भगवान कृष्ण से जुड़ी चीजों को मंदिर की सजावट में इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आपका मंदिर छोटा है, तो थीम बेस्ड डेकोरेशन कर सकते हैं। इसके लिए मोर से जुड़ी चीजों से मंदिर को सजाया जा सकता है। लड्डू गोपाल का पालना बीच में रखें और उसके साइड में दीया रखें। आगे पूजा की थाली और प्रसाद से चीजों को डेकोरेट करें। अब दीवार को सजाने के लिए नीले रंग का पर्दा लगाएं। साथ में मोरपंख से आसपास की जगह को डेकोरेट करें। इस तरह जन्माष्टमी को यादगार बनाया जा सकता है।
फूलों की सजावट
मंदिर को सजाने के लिए सफेद फूलों और पेस्टल कलर के पर्दों का इस्तेमाल किया जा सकता है। भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति रखने के लिए बीच में जगह बनाएं और सुंदर की गद्दी को रखें। गद्दी या सिंहासन के पीछे सफेद पर्दा लगा दें। चौकी के आसपास दीया, फूल, रोली, प्रसाद और बाकी चीजों को रखें। साइड से सजावट के लिए फूलों की लड़ी लगाएं। इसके साथ ही लाइटों से आसपास की जगह को डेकोरेट करें। मंदिर जाने वाले रास्ते पर पैरों के निशान बनाए जा सकते हैं या फूलों से रास्ता बनाया जा सकता है।
बांसुरी और मटकी सेटअप
जन्माष्टमी पर सिंपल डेकोरेशन करना चाहते हैं, तो बांसुरी और मटके से मंदिर को सजाया जा सकता है। भगवान की मूर्ति के पास मटकी को सजाकर उसके अंदर मक्खन रख सकते हैं। साथ ही इसके ऊपर बांसुरी को रखें। आसपास लाइटों से सजावट करें और पूजा की सारी सामग्री रखें।
माना जाता है कि रात को 12 बजे भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी पर मंदिर को सजाने के लिए इसी थीम को अपनाकर डेकोरेशन किया जा सकता है। फूलों, दीयों और पर्दों से सजावट करके मंदिर को खूबसूरत लुक दिया जा सकता है। बीच में झूले की जगह आप पालना रख सकते हैं, जिसे भगवान के जन्म दृश्य रिक्रिएट हो सके।
भगवान कृष्ण गोकुल में रहकर गाय चराया करते थे। इससे जुड़ी थीम इस बार जन्माष्टमी पर मंदिर की डेकोरेशन का हिस्सा बन सकती है। इसके लिए आसपास छोटी झौपड़ी रखें। साथ में गाय और पेड़-पौधों से सजावट करें। बीच में भगवान कृष्ण का झूला रखें। डेकोरेशन को आकर्षक बनाने के लिए मंदिर में लाइटें लगाएं।



