नई दिल्ली : साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में भरभराकर गिरी पेइंग गेस्ट हॉस्टल की इमारत के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। घटना के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल को दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था और उसकी धरपकड़ के लिए 10 विशेष टीमों को कई राज्यों में छापेमारी के लिए तैनात किया गया था। साउथ कैंपस थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैरइरादतन हत्या, जान जोखिम में डालने और लापरवाही बरतने की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।

बेसमेंट में चल रही थी अवैध मरम्मत, मलबे से आ रही थीं ‘बचाओबचाओ’ की चीखें
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस पुरानी इमारत का इस्तेमाल छात्रों के पीजी के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के वक्त बेसमेंट में बड़े पैमाने पर खतरनाक मरम्मत का काम चल रहा था, जिसके चलते कमजोर ढांचा वजन नहीं सह सका और रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पूरी इमारत जमींदोज हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, इमारत गिरते ही चारों तरफ धूल का गुबार छा गया और मलबे के नीचे दबे छात्रों की ‘बचाओबचाओ’ की दर्दनाक चीखें सुनाई देने लगीं। इस भयानक त्रासदी में अब तक 12 लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है, जिनमें से 7 बेकसूर छात्रों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ अन्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
MCD के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई, डीसी समेत 5 आला अफसर सस्पेंड
हादसे पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली नगर निगम के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच शीर्ष इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। दिल्ली सरकार के मंत्री सतीश खुराना ने बताया कि नगर निगम के इतिहास में पहली बार किसी डीसी रैंक के अधिकारी पर इतनी सख्त और त्वरित गाज गिरी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी 48 विधायकों और निगम अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपनेअपने इलाकों में बिना इजाजत चल रहे पीजी और पांचवीं मंजिल तक किए गए अवैध निर्माणों की गहन जांच कर फौरन सीलिंग की कार्रवाई सुनिश्चित करें। एनडीआरएफ, दमकल विभाग और डीडीएमए की टीमें मौके पर लगातार मलबा हटाने और लापता छात्रों की तलाश में जुटी हुई हैं।



