आजकल सड़कों पर ट्रैफिक नियम सख्त हो गए हैं. ऐसे में जानेअनजाने में गाड़ी का ईचालान कटना आम बात हो गई है. कई बार चालान की रकम इतनी ज्यादा होती है कि लोग उसे भरने से कतराते हैं. समय के साथ ये रकम बढ़ती जाती है. बाद में कानूनी पचड़ों का सामना करना पड़ता है. अगर आपकी गाड़ी पर भी कोई पुराना चालान बकाया है, तो आपके लिए एक बड़ी राहत की खबर है. आगामी 12 सितंबर 2026 को देश की सभी जिला अदालतों में नेशनल लोक अदालत का विशेष आयोजन हो रहा है. इस दिन आप बेहद कम पैसों में अपने लंबे समय से पेंडिंग ईचालान का निपटारा करा सकते हैं.

जुर्माना राशि में मिलेगी भारी छूट
नेशनल लोक अदालत में पेंडिंग ट्रैफिक चालान निपटाने का सबसे बड़ा फायदा आर्थिक बचत है. यहां वाहन चालकों को चालान की कुल राशि पर अच्छी खासी छूट मिल जाती है. लोक अदालत की तरफ से सुनाया गया फैसला अंतिम होता है. इसे सर्वमान्य माना जाता है. इस फैसले के खिलाफ किसी भी अन्य अदालत में कोई भी अपील दाखिल नहीं की जा सकती. ऐसा होने से आपका समय बचता है. कानूनी प्रक्रिया में होने वाले फालतू खर्च से भी राहत मिलती है. पेंडिंग चालान क्लियर होते ही परिवहन विभाग के पोर्टल पर आपकी गाड़ी का रिकॉर्ड बिल्कुल साफ हो जाता है.
किन मामलों में मिलेगा फायदा
लोक अदालत में मुख्य रूप से शमनीय अपराधों वाले चालानों का ही निपटारा किया जाता है. अगर आपका चालान ओवर स्पीडिंग, गलत पार्किंग, रेड लाइट जंप करने पर कटा है, तो आप इसका फायदा उठा सकते हैं. बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ड्राइविंग करते वक्त मोबाइल चलाने वाले मामलों को भी इसमें शामिल किया जाता है. बिना पीयूसी या बिना इंश्योरेंस वाले चालान भी यहां आसानी से माफ या कम कराए जा सकते हैं. वहीं, ड्रंक एंड ड्राइव जैसे गंभीर मामलों के चालान इस अदालत के दायरे में नहीं आते हैं. जो चालान काफी पुराने हो चुके हैं या कोर्ट में ट्रांसफर हो गए हैं, उन्हें भी यहां सेटल किया जा सकता है.
क्या है चालान निपटाने की प्रक्रिया
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए वाहन चालकों को अपने संबंधित जिला कोर्ट परिसर में जाना होगा. वहां जाने से पहले कुछ जरूरी दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य है. आपको अपने पेंडिंग चालान की प्रिंटेड कॉपी, गाड़ी की आरसी, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस कॉपी के साथ पीयूसी सर्टिफिकेट भी लेकर जाना होगा. कोर्ट परिसर में बने हेल्प डेस्क पर आपके चालान की स्थिति सत्यापित की जाएगी. इसके बाद आपको जज के सामने पेश किया जाएगा. वहां आपसी सहमति से चालान की राशि तय होती है. भुगतान करते ही ऑनदस्पॉट फाइनल रसीद मिल जाती है. इससे पोर्टल पर आपका पेंडिंग स्टेटस तुरंत हट जाता है.
समय पर जुर्माना न भरने का नुकसान
लंबे समय तक पेंडिंग चालान न भरने पर भविष्य में कई बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. जब तक वाहन पोर्टल पर चालान पेंडिंग रहता है, आप अपनी गाड़ी का इंश्योरेंस रिन्यू नहीं करा सकते. आपको वाहन की एनओसी मिलने में दिक्कत होगी. आप अपनी आरसी किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर भी नहीं करवा पाएंगे. लगातार चालान पेंडिंग रहने पर ट्रैफिक पुलिस की तरफ से कोर्ट का समन भी जारी किया जा सकता है. इसलिए 12 सितंबर 2026 की लोक अदालत का फायदा उठाकर अपना रिकॉर्ड साफ करवा लेना ही समझदारी है.



