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सुबह पैरों-टखनों में दर्द और मूड स्विंग्स रहता है? क्या यह विटामिन B12 की कमी है, डॉक्टर से जाने कैसे करें परेशानी दूर,,

सुबह पैरों-टखनों में दर्द और मूड स्विंग्स रहता है? क्या यह विटामिन B12 की कमी है, डॉक्टर से जाने कैसे करें परेशानी दूर,,

क्या आपको भी सुबह उठते ही थकान महसूस होती है? शरीर में दर्द, जोड़ों में दर्द, कमजोरी, हाथ-पैरों में झुनझुनी, हेयर फॉल, मूड स्विंग्स या मेमोरी से जुड़ी परेशानी जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो इन्हें सिर्फ कमजोरी समझकर नजरअंदाज न करें। ये विटामिन B12 और विटामिन D3 की कमी से भी जुड़ी हो सकती हैं। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर रूपाली जैन ने बताया जब बॉडी में विटामिन बी12, विटामिन डी या दूसरे विटामिन की कमी होती है तो मरीज को दवा दी जाती है। लेकिन आयुर्वेद में विटामिन का कोई नाम नहीं है लेकिन आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से शरीर में पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग के लिए पाचन यानी ‘अग्नि’ को महत्वपूर्ण माना जाता है। कमजोर पाचन की स्थिति में शरीर के विभिन्न धातुओं के पोषण पर असर पड़ सकता है। इसलिए संतुलित आहार के साथ पाचन को बेहतर रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और शरीर में वात, पित्त व कफ के संतुलन पर जोर दिया गया है।

आयुर्वेद के अनुसार, विटामिन B12 और D3 की कमी में दिखाई देने वाले कुछ लक्षणों को रस, रक्त, अस्थि और मज्जा धातु के क्षय से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में शरीर की जठराग्नि यानी पाचन शक्ति को बेहतर रखना, धातुओं का उचित पोषण करना और वात, पित्त व कफ के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी माना जाता है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण के अनुसार, इन सभी पहलुओं पर ध्यान देने से ओवर ऑल हेल्थ को बेहतर बनाया जा सकता है। आयुर्वेद में बॉडी में होने वाली इन सभी समस्याओं का इलाज देसी चीजों में मौजूद है। बॉडी में विटामिन बी 12 और विटामिन डी की कमी पूरा करने के लिए आप इन चीजों को अपनी डाइट में शामिल करें तो आपको फायदा होगा। आइए जानते हैं बॉडी में विटामिन बी 12 की कमी को कैसे पूरा करें।

विटामिन B12 की कमी के लिए खजूर की मिठाई

बॉडी में बी 12 की कमी को पूरा करने के लिए आप खजूर की मिठाई का सेवन करें।  एक कटोरी खजूर लेकर उनके बीज निकालने के बाद उसे घी में हल्का भून  लें। इसके बाद इसमें खसखस, सूखा नारियल, मुनक्का, तरबूज के बीज, कद्दू के बीज, नट्स और उपलब्ध ड्राई फ्रूट्स को धीमी आंच पर भून लें। अब इस सारे मिश्रण को ठंडा कर लें और इसे रोल, लड्डू या बर्फी का आकार देकर मिठाई बना लें। इसे सर्व करने से पहले ऊपर से भुनी हुई खसखस पर रोल कर लें।

खजूर की मिठाई कैसे बी 12 की कमी को पूरा करती है?

बॉडी में विटामिन बी 12 की कमी को पूरा करने के लिए  खजूर और ड्राई फ्रूट्स से बनी ये मिठाई बेहद असरदार साबित होती है। इसका सेवन रोज करने से बॉडी को एनर्जी मिलती  है। इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, कुछ खनिज और हेल्दी फैट का स्रोत है। खजूर की इस मिठाई का सेवन करके आप आसानी से बॉडी में बी 12 की कमी की भरपाई कर सकते हैं।

रागी और चौलाई से बना चीला खाएं

रागी और चौलाई के पत्तों से तैयार चीला बी 12 की कमी से होने वाली परेशानियों में राहत  दे सकता है। इसके लिए रागी के आटे में तिल, अजवाइन और बारीक कटे चौलाई के पत्ते मिलाएं। इसमें स्वाद के अनुसार हल्दी, धनिया, जीरा, लाल या हरी मिर्च और सेंधा नमक डालकर पानी से बैटर तैयार करें। इसे कुछ देर ढक कर रखने के बाद चीले बना सकते हैं।  इन्हें दही, अलसी की चटनी या आंवले के अचार के साथ खा सकते हैं।

रागी-चौलाई चीले के फायदे

रागी कैल्शियम और दूसरे पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है, जबकि तिल और चौलाई भी पोषक तत्वों का पावरहाउस है। आप इसे खाएं तो बॉडी में होने वाली विटामिन बी 12 की कमी की भरपाई हो सकती है।

फर्मेंटेड फूड से B12 की कमी करें पूरा

विटामिन B12 की कमी को पूरा करने के लिए इडली, डोसा, ढोकला, कांजी और घर की बनी छाछ जैसे फर्मेंटेड फूड का सेवन करें। फर्मेंटेशन से बने ये फूड पर्याप्त मात्रा में विटामिन B12 देते हैं। बहुत अधिक मात्रा में या लंबे समय तक फर्मेंट किए गए खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।

चतुर्बीज चूर्ण का करें सेवन

चतुर्बीज चूर्ण एक ऐसा डाइजेस्टिव मिक्सचर है जो भोजन के पाचन और अवशोषण में मदद करता है। इसका सेवन करने से मोटापा, बेली फैट, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, जोड़ों के दर्द और सूजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इसे बनाने के लिए मेथी के बीज, चंद्रशूर यानी हलीम के बीज, कलौंजी और अजवाइन को समान मात्रा में लेकर हल्का गर्म करें और फिर पीसकर उसका चूर्ण तैयार कर लें। इस चूर्ण को खाने से आधा से एक घंटे पहले करीब 2–3 ग्राम गुनगुने पानी के साथ लें आपको फायदा होगा।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी दिए गए वीडियो में बताए गए आयुर्वेदिक दृष्टिकोण पर आधारित है। विटामिन B12 और D3 की कमी की पुष्टि केवल लक्षणों के आधार पर नहीं की जा सकती। इसके लिए डॉक्टर की सलाह और आवश्यक ब्लड टेस्ट जरूरी हैं। किसी भी कमी का इलाज या सप्लीमेंट लेने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श करें।

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