वॉशिंगटन/ओटावा/तेहरान। अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडाई विमान निर्माता बॉम्बार्डियर को चेतावनी दी है कि अगर कंपनी अमेरिकी बाजार में अपने विमान बेचना चाहती है, तो उसे अमेरिका में उत्पादन शुरू करना होगा। ट्रंप ने अमेरिकी बाजार में बॉम्बार्डियर विमानों की बिक्री रोकने की बात भी कही है।

ट्रंप ने बॉम्बार्डियर पर क्या कहा?
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में बॉम्बार्डियर की अमेरिकी बाजार पर निर्भरता को निशाना बनाया। उन्होंने दावा किया कि कंपनी की 50 फीसदी से ज्यादा कमाई अमेरिका से होती है, जबकि कनाडा अमेरिकी कंपनियों के लिए अपने बाजार में बाधाएं खड़ी करता है। ट्रंप ने कहा कि अगर बॉम्बार्डियर को अमेरिकी बाजार चाहिए तो उसे अमेरिका में उत्पादन करना होगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और कनाडा के बीच टैरिफ को लेकर पहले से तनाव चल रहा है। कनाडा ने भी अमेरिका के सामान पर जवाबी शुल्क लगाने शुरू कर दिए हैं।
गल्फस्ट्रीम का भी उठाया मुद्दा
ट्रंप ने अमेरिकी विमान निर्माता गल्फस्ट्रीम एयरोस्पेस का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि कनाडा ने गल्फस्ट्रीम को अपने बाजार में कारोबार करने से रोका। इसी आधार पर उन्होंने कनाडाई कंपनियों से अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने की मांग की है।
हालांकि बॉम्बार्डियर के विमान अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन से स्वीकृत हैं और कंपनी की अमेरिका में भी बड़ी मौजूदगी है।
ईरान ओटावा पर क्यों भड़का?
इसी बीच ईरान ने कनाडा पर भी तीखा हमला बोला है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कनाडा पर अमेरिका और इजरायल की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने का आरोप लगाया। यह प्रतिक्रिया कनाडाई विदेश मंत्री अनीता आनंद और वित्त मंत्री फ्रांस्वाफिलिप शैंपेन के ईरान की कथित अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों की निंदा करने के बाद आई।
ईरान का कहना है कि कनाडा को तनाव कम करने और कूटनीति पर जोर देना चाहिए था, लेकिन उसने इसके बजाय अमेरिका के रुख का समर्थन किया। बघाई ने कनाडा की विदेश नीति को अमेरिकी दबाव के आगे झुकने वाला बताया।
आगे क्या?
अमेरिकाकनाडा विवाद अब केवल टैरिफ तक सीमित नहीं रह गया है। विमानन, उद्योग और विदेशी नीति जैसे मुद्दे भी दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित कर रहे हैं। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि ओटावा ऐसा दीर्घकालिक व्यापार समझौता चाहता है जो कनाडा और अमेरिका दोनों के हित में हो, लेकिन कनाडा अपने आर्थिक हितों से समझौता नहीं करेगा।



