
लखनऊ: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी तैयारियां तेज हो गई हैं। यूपी बीजेपी ने समाज के हर वर्ग तक अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए अब एक खास प्लान पर काम शुरू किया है। इस प्लान की कमान खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभाल ली है।
खास बात यह है कि सीएम योगी सीधे प्रतिनिधियों से वर्चुअली जुड़कर उन्हें इस रणनीति को जमीन तक पहुंचाने की दिशा में काम करने के निर्देश दे रहे हैं। आखिर बीजेपी का यह खास प्लान क्या है और इसके जरिए पार्टी किस बड़े लक्ष्य को साधने की तैयारी में है? आइए जानते हैं पूरी कहानी…
उत्तर प्रदेश में बारिश के कारण खराब हुई सड़कों और जगहजगह बने गड्ढों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और बरसात खत्म होने के बाद जरूरत के मुताबिक उनका स्थायी नवीनीकरण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि बारिश अभी जारी है, इसलिए सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। जिन मार्गों को बारिश के दौरान नया नुकसान हुआ है, उनका भी सर्वे कराया जाए।
त्योहारों में बढ़ेगा ट्रैफिक, प्रमुख सड़कें पहले होंगी दुरुस्त
आने वाले दिनों में गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख त्योहार हैं। इन मौकों पर बड़ी संख्या में लोग घरों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और दूसरे शहरों की ओर यात्रा करते हैं।
इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अधिक आवागमन वाले प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए, ताकि त्योहारों के दौरान लोगों को सड़क पर आवाजाही में परेशानी न हो।
प्रदेश में ऐसे 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जहां त्योहारों के दौरान ज्यादा यातायात रहने की संभावना है।
सिर्फ गड्ढे भरने से काम नहीं चलेगा
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सड़क को इस स्थिति में लाया जाए कि उस पर सुरक्षित और सुगम आवागमन हो सके।
उन्होंने बारिश खत्म होने के बाद सड़क की वास्तविक स्थिति के अनुसार स्थायी नवीनीकरण कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही काम में तेजी के साथ निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
4.36 लाख किलोमीटर सड़कों पर चलेगा अभियान
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गड्ढा मुक्ति अभियान में नौ विभागों के अधीन आने वाली सड़कें शामिल हैं। इन विभागों के पास कुल करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं।
वर्तमान लक्ष्य के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाना है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक करीब 5,751 किलोमीटर सड़क पर काम पूरा हो चुका है।
नवीनीकरण और विशेष मरम्मत का भी लक्ष्य
अधिकारियों के अनुसार करीब 30 हजार किलोमीटर सड़क के नवीनीकरण और करीब 5 हजार किलोमीटर के लिए विशेष मरम्मत का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक नवीनीकरण के तहत करीब 14 हजार किलोमीटर सड़क पर काम होने की जानकारी दी गई है, जबकि विशेष मरम्मत के मामले में करीब 700 किलोमीटर की प्रगति बताई गई है।
भारी वाहनों से भी कई सड़कें हुईं खराब
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अतिवृष्टि के अलावा निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय मार्ग और रेलवे परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
इन सड़कों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर खराब मार्गों को चिन्हित कर विभागों के लिए गड्ढा मुक्ति के अलगअलग लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे।
कई विभाग मिलकर करेंगे काम
मुख्यमंत्री ने सड़क सुधार के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों की कार्ययोजना की भी जानकारी ली गई।
इसके अलावा मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की गई।
आम लोगों के लिए क्यों जरूरी?
बारिश के बाद सड़क पर बने गड्ढे सिर्फ सफर को असुविधाजनक नहीं बनाते, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों, कार सवारों और सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ाते हैं। आने वाले त्योहारों में जब सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ेगी, तब खराब सड़कें जाम और यात्रा में देरी की वजह बन सकती हैं।
सरकार की प्राथमिकता वाले 681 मार्गों पर मरम्मत तेज होने से त्योहारों के दौरान घर से बाजार, धार्मिक स्थलों या दूसरे शहरों तक जाने वाले लोगों को बेहतर सड़क मिलने की उम्मीद है। वहीं बरसात के बाद स्थायी नवीनीकरण से बारबार गड्ढे भरने के बजाय सड़क की समस्या का लंबे समय का समाधान किया जा सकेगा।
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