
जौनपुर जिले की केराकत पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम को मादक पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है. संयुक्त टीम ने छापेमारी कर कथित रूप से MDMA (मेथिलीनडाइऑक्सीमेथैम्फेटामाइन) ड्रग्ज़ बनाने और उसकी तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मौके से 4 शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों के पास से 317 ग्राम तैयार MDMA और 660 ग्राम अर्धनिर्मित (Semi-processed) MDMA बरामद हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप और जब्त की गई सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
₹1.5 करोड़ की ड्रग्ज़ जब्त अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की 317 ग्राम शुद्ध MDMA और 660 ग्राम प्रोसेस की जा रही अर्धनिर्मित MDMA बरामद की गई.
4 तस्कर गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनय कुमार मौर्य, सुनील सोनकर, राहुल सोनकर और विश्वकर्मा कुमार के रूप में हुई है. पुलिस ने चारों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
ड्रग्ज़ लैब की सामग्री जब्त मौके से ड्रग्ज़ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल, कच्चा माल, 9,500 रुपये नकद और तस्करी में इस्तेमाल होने वाली एक कार (Four-wheeler) जब्त की गई.
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई केराकत थाने में चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है.
सप्लाई चेन की जांच पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकेज को खंगाल रही है कि यह ड्रग्ज़ किन-किन शिक्षण संस्थानों, पबों या जिलों में सप्लाई की जानी थी.
आतिश कुमार सिंह एसपी ग्रामीण ने बताया कि स्वाट और केराकत पुलिस की मुस्तैदी से डेढ़ करोड़ की नशीली सामग्री पकड़ी गई है. पुलिस अब गिरोह के मुख्य सरगना और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंक्स को खंगाल रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट को खत्म किया जा सके.
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