
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद से शादी और रिश्तों से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हुई। एक महिला शादी के करीब एक साल बाद अपने पुराने प्रेमी के साथ चली गई थी। पति ने उसकी तलाश की और पुलिस की मदद से जब पत्नी को प्रेमी के साथ बरामद किया गया, तो उसने उसे जबरदस्ती घर ले जाने से इनकार कर दिया।
पति ने पत्नी की इच्छा को समझते हुए कहा कि जब वह उसके साथ नहीं रहना चाहती तो उसे मजबूर करके रिश्ते में रखना ठीक नहीं होगा। इसके बाद दोनों परिवारों की सहमति से मंदिर में महिला और उसके प्रेमी की शादी करा दी गई।
स्कूल के दिनों से था दोनों के बीच रिश्ता
मलिहाबाद इलाके के रहने वाले एक PRD जवान की शादी करीब एक साल पहले परिवार की सहमति से हुई थी। शादी के बाद वह अपनी ड्यूटी में व्यस्त रहने लगा था और परिवार के साथ सामान्य जीवन चल रहा था।
लेकिन पत्नी का अपने पुराने प्रेमी से संपर्क शादी के बाद भी बना हुआ था। बताया गया कि दोनों के बीच स्कूल के समय से ही प्रेम संबंध था और शादी के बाद भी मोबाइल के जरिए बातचीत होती रही थी।
5 सितंबर को घर से अचानक गायब हुई पत्नी
5 सितंबर को महिला अचानक अपने ससुराल से गायब हो गई थी। काफी तलाश के बावजूद जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार परेशान हो गया।
पति ने मलिहाबाद थाने में पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सर्विलांस की मदद से महिला की तलाश की।
हरदोई में प्रेमी के साथ मिली महिला
जांच के दौरान पुलिस को महिला के हरदोई में होने की जानकारी मिली थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला को उसके प्रेमी के साथ बरामद कर लिया था।
इसके बाद दोनों को मलिहाबाद थाने लाया गया। महिला के पति और दोनों पक्षों के परिवार भी थाने पहुंच गए थे।
थाने में काफी देर तक चली बातचीत
थाने में परिवार के लोगों और पुलिस की मौजूदगी में महिला को समझाने की कोशिश की गई थी। उसे वापस अपने पति के साथ घर जाने के लिए कहा गया।
लेकिन महिला अपने फैसले पर कायम रही। उसने साफ कर दिया था कि वह अपने पति के साथ वापस नहीं रहना चाहती और आगे की जिंदगी अपने प्रेमी के साथ बिताना चाहती है।
पति ने कहा- जब साथ नहीं रहना तो जबरदस्ती क्यों?
महिला की बात सुनने के बाद उसके पति ने एक अलग फैसला लिया। उसने कहा कि अगर पत्नी उसके साथ खुश नहीं है और अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ रहना चाहती है, तो उसे जबरदस्ती रोकना सही नहीं होगा।
इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से महिला और उसके प्रेमी की शादी कराने का फैसला लिया गया।
मंदिर में हुए सात फेरे
बाद में स्थानीय मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से महिला और उसके प्रेमी की शादी कराई गई। दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया।
शादी के बाद दोनों ने महिला के पति से आशीर्वाद लिया। इसके बाद पति ने खुद अपनी पत्नी का हाथ उसके प्रेमी के हाथ में सौंप दिया और दोनों को विदा कर दिया।
मलिहाबाद में सामने आई यह घटना रिश्तों, सहमति और अलग होने के फैसले को लेकर इलाके में चर्चा का विषय बन गई थी।


