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​BRICS Summit 2026: वियतनाम-मलेशिया से लेकर इथियोपिया-UAE के नेताओं से मिले PM मोदी, BRICS समिट से पहले ताबड़तोड़ द्विपक्षीय बैठकें

: में होने वाले शिखर सम्मेलन के बीच और चीन के राष्ट्रपति की अहम द्विपक्षीय मुलाकात होने जा रही है। जिनपिंग के पहुंचने से पहले चीन ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। बीजिंग ने कहा है कि भारत और चीन को अपने मतभेदों को सही तरीके से संभालते हुए अच्छे पड़ोसी और दोस्त की तरह आगे बढ़ना चाहिए।

​BRICS Summit 2026: वियतनाम-मलेशिया से लेकर इथियोपिया-UAE के नेताओं से मिले PM मोदी, BRICS समिट से पहले ताबड़तोड़ द्विपक्षीय बैठकें

वियतनाममलेशिया से लेकर इथियोपियाUAE के नेताओं से मिले PM मोदी

BRICS Summit से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई देशों के नेताओं के साथ अहम द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन मुलाकातों में भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने, आपसी सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। भारत की BRICS चेयरशिप का थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा गया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “Humanity First” के नजरिए और लोगों को केंद्र में रखने वाली सोच को दर्शाता है।

साझा प्राथमिकताओं पर होगी चर्चा

BRICS Summit के दौरान सदस्य और साझेदार देशों के नेता संगठन के बीच सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदानप्रदान किया जाएगा। भारत की अध्यक्षता के दौरान अब तक 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए BRICS की रणनीतिक साझेदारी को तीन प्रमुख क्षेत्रों में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है। 

भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि दोनों देशों को बातचीत और सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ अपने संबंधों को लंबे समय के नजरिए से आगे बढ़ाना चाहता है। इसके लिए जरूरी है कि दोनों देश संवाद बनाए रखें और आपसी सहयोग के नए रास्ते तलाशें।

मतभेदों पर चीन ने क्या कहा?

शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि चीन दोनों नेताओं की रणनीतिक सोच के अनुरूप भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ाने और सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया। चीन का संदेश साफ तौर पर यह है कि भारत और चीन के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इन मतभेदों को रिश्तों में रुकावट नहीं बनने देना चाहिए। बीजिंग चाहता है कि दोनों देश विवादों को उचित तरीके से संभालें और लंबे समय के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ें। चीनी राजदूत ने भारत और चीन को अच्छे पड़ोसी और एकदूसरे की सफलता में मदद करने वाले साझेदार के रूप में आगे बढ़ने की बात कही है।

आज मोदीजिनपिंग की अहम मुलाकात

18वें BRICS शिखर सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक सबसे अहम कार्यक्रमों में शामिल है। दोनों नेताओं की मुलाकात शनिवार शाम 5:45 बजे भारत मंडपम में होगी। चीनी राष्ट्रपति भारत के लिए रवाना हो चुके हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई विदेशी नेताओं के साथ मुलाकात की थी।

BRICS समिट में आज क्याक्या होगा?

नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन का आधिकारिक आगाज हो चुका है। पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।

सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री मोदी की इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ बैठक होगी।

सुबह 10:30 बजे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात होगी।

सुबह 11 बजे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बैठक होगी।

सुबह 11:30 बजे वियतनाम के नेता ले मिन्ह हंग के साथ बातचीत होगी।

दोपहर 2 बजे BRICS सदस्य देशों के नेता भारत मंडपम पहुंचेंगे।

दोपहर 2:35 बजे ‘Inclusive Global Governance and Strengthening Multilateralism’ विषय पर बंद सत्र होगा।

शाम 4:25 बजे नेता ‘Bharat Innovates Exhibition’ का अवलोकन करेंगे।

शाम 5:05 बजे फैमिली फोटो और संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम होगा।

शाम 5:45 बजे पीएम मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक होगी।

रात 7:30 बजे प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी में गाला डिनर आयोजित किया जाएगा।

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क्यों अहम है मोदीजिनपिंग की मुलाकात?

भारत और चीन के रिश्तों में सीमा विवाद समेत कई मुद्दों को लेकर लंबे समय से तनाव रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मुलाकात से पहले चीन की ओर से बातचीत, सहयोग और मतभेदों को सही तरीके से संभालने पर दिया गया जोर खासा महत्वपूर्ण है।

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