: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम वोट बैंक को लेकर कांग्रेस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कांग्रेस की ओर से अलगअलग इलाकों में कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुलंदशहर के औरंगाबाद में विजय संकल्प रैली का आयोजन किया गया।

रैली में सहारनपुर सांसद इमरान मसूद ने मुस्लिम समाज को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ भारतीय जनता पार्टी को हराने के नाम पर एकजुट होकर वोट करने की रणनीति सही नहीं है। उन्होंने लोगों से उम्मीदवार और उसकी विचारधारा को देखकर फैसला लेने की अपील की।
‘बीजेपी को हराने की कोशिश की तो वो और मजबूत होगी’, Congress सांसद Imran Masood का बयान Viral !
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के औरंगाबाद में आयोजित कांग्रेस की विजय संकल्प रैली के दौरान सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद का एक बड़ा सियासी बयान सामने आया है। रैली को संबोधित करते हुए इमरान… pic.twitter.com/RTzZ9ElOp7
— Bansal News Official September 12, 2026
इमरान मसूद ने क्या कहा
इमरान मसूद ने कहा कि लोगों को यह तय करना होगा कि उनके लिए उम्मीदवार से ज्यादा उसकी विचारधारा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार इमरान मसूद हो, श्योपाल सिंह हों या सैनी समाज से कोई नेता, अगर वह विचारधारा के प्रति मजबूत है तो वही समाज के हित में काम करेगा।
उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी के नाम पर एकजुट होने की अपील की। मसूद ने मुस्लिम समाज से कहा कि भाजपा को हराने के नाम पर एकजुट होकर मतदान करना बंद करना होगा। उनके मुताबिक इस तरह की रणनीति का असर उल्टा पड़ सकता है और भाजपा ज्यादा मजबूत होकर चुनाव में वापसी कर सकती है।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
रैली के दौरान इमरान मसूद ने भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि जब भी लोग भाजपा को हराने के नाम पर एकजुट होते हैं, भाजपा और मजबूत ताकत के साथ वापस आती है। मसूद ने आरोप लगाया कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों को तोड़ने और समाज में नफरत का माहौल बनाने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने मस्जिदों और युवाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए। हालांकि, अपने भाषण में उन्होंने लोगों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक माहौल को गर्म करने की कोशिश हो सकती है, लेकिन समाज को किसी भी स्थिति में दंगे की तरफ नहीं जाना चाहिए।
दलित समाज को भी साथ लाने की कोशिश
कांग्रेस की इस रैली में सिर्फ मुस्लिम वोट बैंक ही नहीं, बल्कि दलित समाज को भी पार्टी के साथ जोड़ने की कोशिश दिखाई दी। इमरान मसूद ने डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि संविधान की रक्षा के लिए सभी वर्गों को साथ आना होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सभी सामाजिक वर्गों की एकजुटता से प्रदेश में राजनीतिक बदलाव संभव है। इसी रणनीति के तहत पार्टी मुस्लिम वोट बैंक के साथ दलित और अन्य वर्गों को भी अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।
2027 को लेकर कांग्रेस की तैयारी तेज
कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी रैली में भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सरकार को हटाने के लिए एकजुट होगी। यूपी चुनाव के सह प्रभारी संजीव आर्य ने 2027 के चुनाव को 2029 के लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताया।
पूर्व सांसद राज बब्बर ने कांग्रेस को सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला विकल्प बताया। ऐसे में मुस्लिम वोट बैंक को अपने पक्ष में लाने की कांग्रेस की कोशिश कितनी सफल होती है, यह आने वाले चुनाव में साफ होगा। फिलहाल इमरान मसूद के बयान ने उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।



