
अमृत विचार : यूपी के रुहेलखंड क्षेत्र में चिटफंड कंपनी बनाकर करीब 35 हजार लोगों से निवेश के बहाने सैकड़ों करोड़ की ठगी करने के आरोपी सूर्यकांतशशिकांत मौर्य ब्रदर्स की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद पुलिस उन पर गैंगस्टर लगाने की तैयारी में है। शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य दोनों सगे भाई हैं। बदायूं और बरेली में उनके खिलाफ नौ मुकदमें दर्ज हैं। आरोप हैं कि दोनों भाईयों ने चिटफंड के अलावा कई दूसरियां कंपनियां खोलकर धोखाधड़ी की है।
शशिकांतसूर्यकांत बरेली के कटरा चांद खां क्षेत्र के निवासी हैं। दोनों ने अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के नाम से एक चिटफंड कंपनी बनाई। बदायूं के जालंधरी सराय में ऑफिस खोला। अमर ज्योति लिमिटेड रजिस्टर्ड के नाम से एक और कंपनी बनाई।
आरोप है कि दोनों भाईयों ने निवेश के नाम पर आम लोगों को निशाना बनाया। मोटे कमीशन पर एजेंट्स की एक लंबीचौड़ी फौज मैदान में उतार दी। बदायूं के अलावा बरेली होते हुए समूचे रुहेलखंड में इनका जाल फैलता गया। आरोप है कि लगभग 35 हजार लोगों से 800 करोड़ रुपये के आसपास का निवेश कराकर ठगी की गई है।
बदायूं में जब इनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ तो दोनों भाई ऑफिस बंद करके फरार हो गए। एक के बाद एक, बरेलीबदायूं में 9 एफआईआर दर्ज हुईं। तब से पुलिस दोनों की तलाश में जुटी थी। गिरफ्तारी के लिए 5050 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
लखनऊ से हुए गिरफ्तार
दोनों भाई लखनऊ के आलमबाग स्थित एक फ्लैट में पनाह लिए थे। एसटीएफ की गौतमबुद्धनगर यूनिट और बदायूं पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दोनों पकड़े गए। पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके बदायूं लाई। कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
बरेली में भी बनाईं कंपनी
बरेली में अमर ज्योति रुहेलखंड और अमर ज्योति हायर परचेज के नाम से कंपनियां बनाकर काम कर रहे थे। यह कंपनियां भी पुलिस के निशाने पर हैं। निवेश की समयसीमा पूरी होने के बाद जब रकम वापस नहीं की गई तो विरोध और शिकायतों का सिलसिला तेज हुआ और आखिरकार दोनों भाईयों का खेल उजागर हो गया। पुलिस के मुताबिक दोनों भाईयों ने कोर्ट में खुद को दिवालिया घोषित करने का भी प्रयास किया था।
बीवारंट की अर्जी
दोनों भाईयों की गिरफ्तारी के बाद बरेली पुलिस भी सक्रिय हो गई है। दोनों को बीवारंट पर बरेली लाने के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इस मामले में सोमवार को सुनवाई संभव है।
दूसरे आरोपियों की भी तलाश
सूर्यकांत और शशिकांत की गिरफ्तारी के बाद उनके तीसरे भाई श्रीकांत और परिवार के अन्य सदस्य अर्चना मौर्य, विष्णुकांत भी पुलिस के निशाने पर हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हैं। ये लोग भी ठगी के मामले में आरोपी हैं।
संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही पुलिस
पुलिस शशिकांतसूर्यकांत फैमिली की संपत्तियों का ब्योरा पता करने में जुटी है। बरेली, बदायूं से लेकर उत्तराखंड तक उनकी संपत्तियों पर नजर है। माना जा रहा है कि निवेशकों के पैसा कहीं दूसरी जगह इन्वेस्ट किया गया है।
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