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यहां डस्टबिन से बातें करते हैं लोग! आवाज सुनकर समझता है बात, फिर अपने आप खोल देता है ढक्कन.

यहां डस्टबिन से बातें करते हैं लोग! आवाज सुनकर समझता है बात, फिर अपने आप खोल देता है ढक्कन.

डस्टबिन का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में ऐसी साधारण चीज की तस्वीर आती है, जिसमें कूड़ा डालने के बाद उसे सफाईकर्मी उठा ले जाते हैं। लेकिन तकनीक के इस दौर में अब डस्टबिन भी स्मार्ट हो रहे हैं। चीन से जुड़ी स्मार्ट टेक्नोलॉजी में ऐसे डस्टबिन का कॉन्सेप्ट सामने आया है, जो इंसान की आवाज को समझकर उसके निर्देश के मुताबिक काम कर सकता है।

यानी अगर कोई व्यक्ति कूड़ा लेकर डस्टबिन के पास पहुंचे और उसे ढक्कन खोलने के लिए कहे, तो सिस्टम आवाज को पहचानकर ढक्कन खोलने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। यही वजह है कि स्मार्ट डस्टबिन का यह कॉन्सेप्ट लोगों के बीच काफी दिलचस्प बना हुआ है।

आखिर स्मार्ट डस्टबिन में ऐसा क्या लगा होता है?

स्मार्ट डस्टबिन सामान्य कूड़ेदान से काफी अलग होता है। इसमें कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी उपकरण लगाए जा सकते हैं।

इनमें माइक्रोफोन, सेंसर, कंट्रोल सिस्टम, मोटर और सॉफ्टवेयर जैसे हिस्से शामिल हो सकते हैं। जब कोई व्यक्ति डस्टबिन के पास बोलता है, तो माइक्रोफोन उसकी आवाज को कैप्चर करता है।

इसके बाद सिस्टम आवाज में दिए गए निर्देश को समझने की कोशिश करता है। अगर कमांड ढक्कन खोलने की है, तो कंट्रोल यूनिट मोटर को सक्रिय कर सकती है। मोटर ढक्कन को ऊपर उठाती है और कचरा डालने के बाद ढक्कन दोबारा बंद हो सकता है।

यानी डस्टबिन खुद से इंसानों की तरह नहीं सोचता, बल्कि कई तकनीकी सिस्टम मिलकर उसके निर्देशों को पूरा करते हैं।

सिर्फ आवाज सुनना ही नहीं, कचरे को पहचानने की भी कोशिश

स्मार्ट डस्टबिन की खासियत केवल वॉयस कमांड तक सीमित नहीं है। कुछ आधुनिक सिस्टम कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने की दिशा में भी काम कर सकते हैं।

कचरे को आमतौर पर रिसाइकिल होने वाली चीजों, खाने के कचरे और दूसरे सामान्य कचरे में अलग करना जरूरी होता है। ऐसे में कुछ स्मार्ट डस्टबिन में अलग-अलग कम्पार्टमेंट दिए जा सकते हैं और सेंसर या सॉफ्टवेयर की मदद से सही हिस्से का चुनाव किया जा सकता है।

हालांकि हर स्मार्ट डस्टबिन में ये सभी सुविधाएं मौजूद हों, यह जरूरी नहीं है। किसी मॉडल में केवल ऑटोमैटिक ढक्कन हो सकता है, जबकि दूसरे में आवाज पहचानने, सेंसर या कचरे की पहचान जैसी अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकती हैं।

चीन में तेजी से बढ़ रहा स्मार्ट सिटी का कॉन्सेप्ट

चीन में पिछले कुछ वर्षों में स्मार्ट सिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और रोबोटिक्स से जुड़ी तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ा है।

शहरी इलाकों में स्मार्ट कैमरे, ऑटोमेटेड मशीनें, डिजिटल पेमेंट सिस्टम और AI आधारित सेवाओं का इस्तेमाल देखने को मिलता है। अब इसी तरह की तकनीक का इस्तेमाल कचरा प्रबंधन को बेहतर और ज्यादा ऑटोमेटेड बनाने की दिशा में भी किया जा रहा है।

रोजमर्रा की चीजें भी बन रही हैं स्मार्ट

स्मार्ट डस्टबिन का कॉन्सेप्ट यह दिखाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल सिर्फ मोबाइल फोन, चैटबॉट या कैमरा सिस्टम तक सीमित नहीं है।

अब रोजमर्रा की बेहद साधारण चीजों में भी सेंसर, सॉफ्टवेयर और ऑटोमेशन जोड़े जा रहे हैं। आने वाले समय में कचरा प्रबंधन जैसे कामों में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल और बढ़ सकता है।

हालांकि किसी खास स्मार्ट डस्टबिन की वास्तविक क्षमता उसके मॉडल और तकनीकी सिस्टम पर निर्भर करती है। सभी स्मार्ट डस्टबिन इंसानी बातचीत को पूरी तरह समझने या हर तरह के कचरे की पहचान करने में सक्षम हों, ऐसा जरूरी नहीं है।

 

 

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