
लखनऊ, अमृत विचार : किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में कर्मचारी परिषद के प्रस्तावित आंदोलन के बीच हड़ताल पर अगले छह महीने के लिए रोक लगा दी गई है। कुलसचिव अर्चना गहरवार ने सोमवार को एस्मा के तहत आदेश जारी कर हड़ताल प्रतिबंधित कर दी। आदेश में लोक सेवा, राज्य सरकार के अधीन निगमों और स्थानीय प्राधिकरणों की सेवाओं में हड़ताल पर रोक लगाई गई है। साथ ही आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
हालांकि, एस्मा के आदेश के बावजूद केजी मेडिकल कॉलेज एंड जीएम एंड एसोसिएटेड हॉस्पिटल कर्मचारी परिषद ने मंगलवार को प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने से इनकार कर दिया है। परिषद के महामंत्री अनिल कुमार ने कहा कि कर्मचारी अपने हक की मांग को लेकर पीछे नहीं हटेंगे और मंगलवार को हड़ताल होगी। कर्मचारी परिषद की ओर से लगाए गए आरोपों को कुलसचिव ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि कार्यभार ग्रहण करने के बाद कर्मचारियों से जुड़े सेवा संबंधी 2461 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें 485 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है, जबकि 423 कर्मचारियों के एसीपी मामलों का निस्तारण हुआ है।
इसके अलावा 495 कर्मचारियों के जीपीएफ लोन के मामले निस्तारित किए गए और 908 मामलों में वेतन निर्धारण किया गया। 150 कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ भी दिए गए हैं।
2024 में ही भंग हो चुकी कर्मचारी परिषद
कुलसचिव ने कहा कि कर्मचारी परिषद वर्ष 2024 में ही भंग हो चुकी है। परिषद की ओर से पत्रावली जारी करने पर भी रोक है, इसके बावजूद पत्र जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले से अपर मुख्य सचिव अमित घोष को अवगत कराया जाएगा।
महामंत्री बोले जांच के लिए तैयार, आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे
उधर, कर्मचारी परिषद के महामंत्री अनिल कुमार ने कुलसचिव के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि कुलसचिव कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही हैं। उन्होंने अपनी भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि वह हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। मंगलवार को हड़ताल होगी।


